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शूलिनी विश्वविद्यालय को मिला यूजीसी का कैटेगरी-1 दर्जा

देहरादून। शूलिनी विश्वविद्यालय ऑफ बायोटेक्नोलॉजी एंड मैनेजमेंट साइंसेज, जो हिमाचल प्रदेश के सोलन जिले में स्थित है, को विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने ग्रेडेड ऑटोनॉमी रेगुलेशंस, 2018 के तहत कैटेगरी-1 का दर्जा प्रदान किया है। यह मान्यता अकादमिक उत्कृष्टता का एक बड़ा प्रमाण है और इससे शूलिनी देश के सर्वाधिक स्वायत्त और उच्च प्रदर्शन करने वाले संस्थानों में शामिल हो गया है।
यूजीसी की यह घोषणा उसकी 591वीं आयोग बैठक में की गई, जिसमें विश्वविद्यालय द्वारा प्रस्तुत प्रस्ताव पर विचार किया गया। शूलिनी विश्वविद्यालय को यह शीर्ष श्रेणी का दर्जा यूजीसी की निर्धारित कसौटियों को पूरा करने के बाद प्राप्त हुआ है, जिनमें टाइम्स हायर एजुकेशन वर्ल्ड यूनिवर्सिटी रैंकिंग्स में वैश्विक स्तर पर शीर्ष 500 में बने रहना शामिल है। इस मान्यता के साथ, शूलिनी विश्वविद्यालय को कई अकादमिक और प्रशासनिक स्वतंत्रताएं प्राप्त होंगी। इनमें बिना पूर्व अनुमति के नए पाठ्यक्रम और विभाग शुरू करना, ऑफ-कैम्पस सेंटर स्थापित करना और अंतरराष्ट्रीय सहयोग करना शामिल है। शूलिनी विश्वविद्यालय के संस्थापक कुलाधिपति प्रो. पी.के. खोसला ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा, ष्यह हमारे लिए गर्व का विषय है कि पहली बार में ही हमें शिक्षा मंत्रालय के अंतर्गत कैटेगरी-1 का दर्जा प्राप्त हुआ है। इससे अनुसंधान में स्वतंत्रता और अनुदानों की सुविधा बढ़ेगी। मेरा सपना है कि आने वाले दशक में शूलिनी ऑक्सफोर्ड जैसी अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा वाला संस्थान बने। हमारे नेतृत्व में उत्कृष्टता को समर्पित शिक्षाविद् और शोधकर्ता हैं।

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