‘अशोक सूता मॉलिक्यूलर मेडिसिन सुविधा’ का उद्घाटन किया

देहरादून। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान रुड़की (आईआईटी रुड़की) ने जैव-विज्ञान एवं जैव-इंजीनियरिंग विभाग (बीएसबीई) में ‘अशोक सूता मॉलिक्यूलर मेडिसिन सुविधा’ का उद्घाटन किया। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राथमिकताओं और वैश्विक वैज्ञानिक प्रगति के अनुरूप उन्नत जैव-चिकित्सीय अनुसंधान अवसंरचना को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस सुविधा का उद्घाटन आईआईटी रुड़की के विशिष्ट पूर्व छात्र अशोक सूता ने किया। इस अवसर पर आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत, संकाय सदस्य, शोधकर्ता तथा उद्योग जगत के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। अत्याधुनिक एवं एकीकृत मंच के रूप में स्थापित यह अशोक सूता मॉलिक्यूलर मेडिसिन सुविधा औषधि खोज, जैव-अणु अनुसंधान तथा अगली पीढ़ी के निदान उपकरणों के विकास को समर्थन देने के लिए तैयार की गई है। यह सुविधा शोधकर्ताओं को रोग तंत्र की समझ और जैव-अणु लक्ष्यों की पहचान से लेकर संभावित अणुओं के प्रायोगिक सत्यापन तथा परीक्षण पद्धतियों के विकास तक कार्य करने में सक्षम बनाती है।
प्रोटीन विज्ञान, आणविक एवं कोशिका जीवविज्ञान, संरचनात्मक जीवविज्ञान, जैव-भौतिकी, विश्लेषणात्मक प्रोफाइलिंग तथा उन्नत इमेजिंग में विशेषज्ञता के एकीकरण के माध्यम से यह सुविधा कैंसर, तंत्रिका संबंधी विकारों, चयापचय संबंधी रोगों और संक्रामक रोगों सहित विभिन्न महत्वपूर्ण रोग क्षेत्रों में उच्च प्रभाव वाले अनुसंधान को समर्थन प्रदान करेगी।
इस सुविधा में आणविक विशेषताओं के विश्लेषण और अनुवादात्मक अनुसंधान के लिए संपूर्ण कार्यप्रवाह को समर्थन देने वाले उन्नत उपकरण स्थापित किए गए हैं, जिनमें ऑटोमेटेड प्रोटीन प्यूरीफिकेशन सिस्टम (एकेटीए और बीआईओआरएडी/एकेटीए), एचपीएलसी और यूपीएलसी सिस्टम, जीसी-एमएस, आइसो-थर्मल कैलोरीमीटर (आईटीसी), फ्लो साइटोमीटर, अपराइट कॉन्फोकल माइक्रोस्कोप, स्मॉल-एंगल एक्स-रे स्कैटरिंग (एसएएक्सएस), प्रोटीन क्रिस्टलाइजेशन रोबोट, सीडी स्पेक्ट्रोमीटर, हाई प्रेशर होमोजेनाइज़र/सेल डिसरप्टर तथा अन्य उच्च-परिशुद्धता विश्लेषणात्मक प्लेटफॉर्म शामिल हैं। यह व्यापक अवसंरचना मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, संरचनात्मक सत्यापन, जैव-अणु अंतःक्रिया अध्ययन और उन्नत परीक्षण विकास में आईआईटी रुड़की की क्षमताओं को उल्लेखनीय रूप से सुदृढ़ करती है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए आईआईटी रुड़की के निदेशक प्रो. के. के. पंत ने कहा, “अशोक सूता मॉलिक्यूलर मेडिसिन सुविधा आईआईटी रुड़की के जैव-विज्ञान और जैव-इंजीनियरिंग अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र को महत्वपूर्ण रूप से सुदृढ़ करती है। उन्नत अवसंरचना और अंतःविषयी विशेषज्ञता का यह समन्वय अनुवादात्मक अनुसंधान को गति देगा और स्वास्थ्य नवाचार, प्रिसीजन मेडिसिन तथा वैज्ञानिक आत्मनिर्भरता से जुड़े राष्ट्रीय लक्ष्यों में सार्थक योगदान देगा।”
आईआईटी रुड़की के विशिष्ट पूर्व छात्र अशोक सूता ने कहा, “इस सुविधा की स्थापना इस बात को रेखांकित करती है कि वैज्ञानिक खोजों को समाजोपयोगी परिणामों में बदलने के लिए मजबूत अनुसंधान पारिस्थितिकी तंत्र का निर्माण कितना आवश्यक है। भारत में अपार वैज्ञानिक प्रतिभा मौजूद है, और नवाचार को व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए विश्वस्तरीय अवसंरचना और सहयोगी मंच उपलब्ध कराना उतना ही महत्वपूर्ण है। मुझे गर्व है कि आईआईटी रुड़की मॉलिक्यूलर डायग्नोस्टिक्स, प्रिसीजन मेडिसिन और औषधि खोज के क्षेत्रों में अपनी क्षमताओं को सुदृढ़ कर रहा है, जिससे राष्ट्रीय और वैश्विक स्वास्थ्य समाधान विकसित करने में योगदान मिलेगा।”इंस्टीट्यूट इंस्ट्रूमेंटेशन सेंटर के प्रमुख तथा अशोक सूता इंस्टीट्यूट चेयर प्रोफेसर प्रो. प्रवीन्द्र कुमार ने कहा, “यह सुविधा संकाय सदस्यों, शोधार्थियों और उद्योग साझेदारों के लिए एक सहयोगात्मक अनुसंधान मंच के रूप में कार्य करेगी। यह हमारी साझा अनुसंधान अवसंरचना को सुदृढ़ करती है और मॉलिक्यूलर मेडिसिन तथा अनुवादात्मक जैव-विज्ञान के क्षेत्रों में वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी, अंतःविषयी अनुसंधान करने की आईआईटी रुड़की की क्षमता को मजबूत बनाती है।”




