स्पिक मैके के सांस्कृतिक उत्सव अनुभव का समापन

देहरादून। स्पिक मैके के सांस्कृतिक उत्सव श्अनुभवश् श्रृंखला का दूसरा ऑनलाइन संस्करण का समापन युवाओं को शास्त्रीय संगीत, नृत्य और अन्य लोक-कला रूपों की जीवित किंवदंतियों से जोड़ने के प्रयास के साथ आज हुआ। सप्ताह भर चलने वाले इस सम्मेलन का उद्देश्य युवाओं को समृद्ध सांस्कृतिक विरासत का अनुभव देना और उन्हें खुद को खुद से जोड़ने में मदद करना था।
सांस्कृतिक आश्रम जैसा अनुभव प्रदान करने वाले इस उत्सव का समापन भारतीय शास्त्रीय संगीत और नृत्य में प्रख्यात पंडित वेंकटेश कुमार, पंडित साजन मिश्रा, मार्गी मधु, शाहिद परवेज खान और वसीफुद्दीन डागर द्वारा प्रस्तुत एक ऑनलाइन शास्त्रीय संगीत कार्यक्रम के साथ हुआ। श्याम बेनेगल, शबाना आजमी, जावेद अख्तर, उस्ताद अमजद अली खान, तीजन बाई, पंडित शिवकुमार शर्मा, डॉ. एन. राजम, पंडित साजन मिश्रा, उस्ताद शाहिद परवेज खान, अरुणा सायराम, पंडित उल्हास कशालकर, पंडित वेंकटेश कुमार, उस्ताद वसीफुद्दीन डागर, गीता चंद्रन और घनकांत बोरा जैसे जाने-माने कलाकार इस ऑनलाइन सम्मेलन का हिस्सा रहे। स्पिक मैके उत्तराखंड की अध्यक्ष विद्या वासन ने कहा, “स्पिक मैके की अनुभव श्रृंखला को दुनिया भर के छात्रों से जबरदस्त सकारात्मक प्रतिक्रिया मिली है। इन सात दिनों में कला जगत के प्रख्यात कलाकारों ने कार्यशालाओं, बातचीत सत्रों और संगीत कार्यक्रमों में भाग लिया। कई गुरुओं ने स्पिक मैके की अनुभव सीरीज के सभी सात दिनों की कार्यशालाओं के आयोजन में अपना अनुभव साझा किया।





It’s nearly imposssible to find experiended people iin tbis particulr subject,however, yoou seem lie you know what you’re talking about!
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