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शिवरात्रि के दिन शिवालयों में गंगा जल चढ़ाने से बहुत अधिक पुण्यलाभ मिलता हैः-मंहत देशबन्धु

हरिद्वार। अपनी अपनी आस्था के चलते देश विदेश से लोग गंगा दर्शन के लिये हरिद्वार हर की पैढ़ी आते हैं और गंगाजी में स्नान ध्यान कर अपने आप को सौभाग्यशाली समझते हैं कि उन्होंने अपने जीते जी मां गंगा के दर्शन कर लिये। केवल विदेशी ही नहीं बहुत सारे अपने देश में ही ऐसे लोग हैं जिन्होंने कभी मां गंगा के दर्शन तक नहीं किये और कई तो ऐसे लोग जो बुढ़ापे में हरिद्वार आये और मां गंगा के दर्शन किये। करोना के चलते दो वर्ष से कांवड़ यात्रा बंद थी चूंकि अब 14 जुलाई से सावन प्रारम्भ होने जा रहे हैं और कांवड़ भी शुरू होने जा रही है ऐसे में सावन के दिनों में जो व्रत इत्यादि रखते हैं उनको किन किन नियमों का पालन करना चाहिये, खास कर उन व्यक्तियों को जो कावड़ लेकर आते हैं और हरिद्वार ,ऋषिकेश से जल ले जाकर अपनी इच्छानुसार मंदिरों में शिवलिंग पर चढ़ाते हैं , उनको किन नियमों का पालन करना चाहिये, यही सब जानने के लिये आज हमारे संवाददाता हरिद्वार में हर की पौढ़ी स्थि अष्टखम्भा गंगा मंदिर के महंत श्रीदेशबन्धु से मिले और उनसे सावन में व्रत, कावड़ यात्रा के बारे में जानकारी ली और कई अन्य विषयों पर सवाल भी किये जिसका मंहत देशबन्धु जी ने क्या जवाब दिया जानने के लिये नीचे वीडियो पर क्लिक करेंः-

 

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