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कुजगढ़ नदी को पुनर्जीवित करने संबंधी कार्यों की डीएम ने की समीक्षा

अल्मोड़ा। कोसी पुर्नजनन अभियान के तहत कुजगढ़ नदी को पुर्नजिवित किए जाने हेतु अभी तक के कार्यों की समीक्षा जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने गुरूवार को विकास भवन में की। कोसी की तर्ज पर कुजगढ़ का पुनुरोद्वार की कार्य योजना व आगामी किए जाने वाले कार्यों के सम्बन्ध में जिलाधिकारी ने अधिकारियों के साथ चर्चा की। उन्होंने कहा कि हरेला पर्व पर इसकी शुरूआत कर दी गयी है। उन्होंने बताया की कुजगढ़ के जलागम क्षेत्र को 09 रिचार्ज जोनो में बाॅटा गया है इसके लिए नोडल अधिकारियों की तैनाती भी कर ली गयी है। जिलाधिकारी ने कहा कि एनआरडीएमएस के प्रा0 जे0एस0 रावत के मार्गदर्शन में तैनात नोडल अधिकारियों एवं फील्ड स्टाॅफ सभी का प्रशिक्षण कार्यक्रम इसी माह के अन्त तक प्रस्तावित किया जाय ताकि वे जलागम क्षेत्र में कराये जाने वाले मैकनिकल कार्यों आदि से भिज्ञ हो सकें।
इस दौरान उन्होंने बताया कि हरेला पर्व के दिन जनपद में कुल 02 लाख 32 हजार पौधों का रोपण किया गया है। जिलाधिकारी ने जिला विकास अधिकारी को निर्देश दिये कि समय-समय पर रोपे गये पौधों की देखभाल हेतु मानिटरिंग करें। सम्बन्धित खण्ड विकास अधिकारियों से दैनिक प्रगति प्राप्त की जाय। उन्होंने कहा कि उन्होंने कहा कि जलागम क्षेत्र में बनाये जाने वाले चाल, खाल, खन्तिया, टैªंच हौल आदि की जियो टैगिंग की जानी है इसके लिए सम्बन्धित नोडल अधिकारी किए गये कार्यों के कोआर्डिनेटस जीआईएस सैल को उपलब्ध करा दें। इस दौरान उन्होंने वर्ष 2020-21 की कार्य योजना की जानकारी भी प्राप्त की। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी मनुज गोयल, डीएफओ के0एस0 रावत, एनआरडीएमएस प्रो0 जे0एस0 रावत, जिला विकास अधिकारी के0के0 पंत, जी0बी0 पंत संस्थान के वैज्ञानिक डा0 वसुधा अग्निहोत्री, बीडीओ हवालबाग पंकज काण्डपाल, ताकुला किशन राम व ताड़ीखेत आनन्द राम, वन क्षेत्राधिकारी संचिता वर्मा, जीआईएस एनालिस्ट नेहा, कोसी समन्वयक शिवेन्द्र प्रताप आदि उपस्थित थे।

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