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उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मामले देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार लॉकडाउन में जरा सा भी छूट देने के पक्ष में नहीं

लखनऊ। तब्लीगी जमात के लोग तथा उनके करीबियों के कारण उत्तर प्रदेश में बढ़ रहे कोरोना वायरस संक्रमण के मामले देखते हुए उत्तर प्रदेश सरकार लॉकडाउन में जरा सा भी छूट देने के पक्ष में नहीं है। कोरोना के मामलों को देखते हुए यूपी सरकार ने लॉकडाउन में राहत नहीं देने का फैसला किया है।

      सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक में शनिवार को उनकी कोर टीम ने दो दर्जन से अधिक जिलाधिकारियों का इनपुट दिया है। रमजान को देखते हुए प्रदेश सरकार किसी भी जिले में लॉकडाउन में छूट नहीं देगी। अपर मुख्य सचिव गृह अवनीश कुमार अवस्थी के मुताबिक उत्तर प्रदेश में लॉक डाउन की स्थिति यथावत रहेगी। यानी प्रदेश में फिलहाल तीन मई तक किसी तरह से बड़ी दुकानें खोलने की अनुमति नहीं होगी। सीएम योगी आदित्यनाथ के साथ बैठक के दौरान कोर टीम के कुछ अफसरों ने राय दी कि अभी स्थिति काफी अच्छी नहीं है। ऐसे में अगर थोड़ी भी छूट दी गई तो प्रदेश में कोरोना को लेकर स्थितियां इतनी बिगड़ जाएंगी कि संभालना मुश्किल होगा। अफसरों का तर्क था कि राज्य सरकार लॉकडाउन को लेकर गंभीर है। प्रशासन भी सख्त कदम उठा रहा है।

      केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय ने एक एडवाइजरी जारी की है। इसके तहत रिहायशी इलाकों में दुकानों को खोलने की राय दी गई है। 75 जिलों वाले उत्तर प्रदेश में कोरोना वायरस के लगातार बढ़ते मामले देख यूपी सरकार ने तय किया है कि वह प्रदेश में लॉक डाउन के दौरान कोई छूट नहीं देगी। कोरोना वायरस का संक्रमण बढ़ रहा है, इसे देखते हुए फिलहाल कोई छूट नहीं दी जाएगी।

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