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गरीबों को मुफ्त ईलाज दिलाने को फूलप्रूफ योजना बनाने में जुटी सरकार

नई दिल्ली। सरकार देश की 40 फीसदी आबादी को पांच लाख रुपये तक के मुफ्त इलाज वाली योजना को फुलप्रूफ बनाने में जुटी है। सरकार इस योजना के क्रियान्वयन के दौरान गड़बड़ी की सभी रास्तों को पहले ही बंद करना चाहती है। इसके लिए कई स्तरों पर निगरानी तंत्र बनाया जाएगा, जिनमें आइटी की आनलाइन मानिटरिंग भी शामिल है। इसके लिए विश्व बैंक से भी राय ली जा रही है। चुनावी साल में मोदी सरकार की इस महात्वाकांक्षी योजना के 15 अगस्त या दो अक्टूबर से लागू होने की अटकलें लगाई जा रही हैं, लेकिन योजना से जुड़े एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि फुलप्रूफ प्रणाली तैयारी होने के बाद इसे अमली जामा पहनाया जाएगा। उनके अनुसार इसके पहले गरीबों के लिए चलाई जा रही स्वास्थ्य बीमा योजनाओं में गड़बड़ी की शिकायतें मिलती रही हैं। उससे मिले अनुभवों का लाभ भी इस योजना को फुलप्रूफ बनाने में मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस योजना के लिए सभी इलाकों में अस्पतालों की सूची तैयार की जा रही है, जिनमें गरीबों को मुफ्त इलाज की सुविधा दी जाएगी। लेकिन कोई अस्पताल फर्जी बीमारी और उसके इलाज के नाम बिल ना बना दे, इसके लिए स्थानीय स्तर पर एनजीओ की सहायता से निगरानी तंत्र खड़ा किया जाएगा। एक सुझाव सभी अस्पतालों में सरकार की ओर से ‘आयुष्मान मित्र’ की नियुक्ति का भी है। राज्य और केंद्रीय स्तर पर इसके लिए निगरानी तंत्र बनाया जा रहा है। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि इस योजना में गड़बडि़यों को रोकने के लिए आइटी की भी मदद ली जाएगी। इलाज करने वाले अस्पतालों और कराने वाले मरीजों पर आनलाइन नजर रखी जाएगी। यदि कोई अस्पताल एक ही तरह की बीमारी का इलाज ज्यादा कर रहा है या फिर किसी क्षेत्र में एक अस्तपाल में ज्यादा मरीजों का इलाज होने की स्थिति में तत्काल उसकी जांच की जाएगी। सोमवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस योजना की तैयारियों की समीक्षा की थी। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा प्रधानमंत्री इसकी तैयारियों से पूरी तरह संतुष्ट थे

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