News UpdateUttarakhand

सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद किया जा रहा वनभूमि का सर्वे

देहरादून। उच्चतम न्यायालय (एससी) के आदेश के क्रम में वन विभाग ऋषिकेश की भूमि पर अतिक्रमण हटाने के लिए निर्देश जारी हुए थे। निर्देशों के क्रम में रविवार को पुलिस, वन विभाग और प्रशासन की संयुक्त टीमों द्वारा ऋषिकेश में वन विभाग की भूमि पर अवैध अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई की जा रही थी। कार्रवाई के दौरान प्रभावित जनता ने राजमार्ग और रेल मार्ग को अवरुद्ध करते हुए विरोध प्रदर्शन किया जा रहा था, जिन्हें पुलिस द्वारा शांतिपूर्वक ढंग से समझाया भी जा रहा था।
इस दौरान प्रभावित जनता ने आक्रोशित होकर रेलवे लाइन को भी ब्लॉक कर दिया गया, जिससे 6 ट्रेनें लेट हो गई। जिससे हजारों यात्रियों को असुविधा हो रही थी। इस दौरान पुलिस और प्रशासन ने उन्हें शांतिपूर्वक समझाया, लेकिन उनके द्वारा आक्रोशित होकर पुलिस और प्रशासन की टीमों पर पथराव किया गया, जिससे कई लोगों को चोटें भी आई। साथ ही उनके द्वारा धरना प्रदर्शन करते हुए रोड को भी जाम किया गया।
प्रकरण की संवेदनशीलता के मद्देनजर एसएसपी ने मौके पर जाकर स्थिति का जायजा लेते हुए अधिकारियों से जानकारी ली गई और जनता को राजमार्ग और रेल मार्ग से हटाकर यातायात सुचारु कराया गया। देर शाम एसएसपी ने मौके पर मौजूद वन विभाग के अधिकारियों और पुलिस अधिकारियों से जानकारी लेते हुए जिला देहरादून और आसपास के जिलों से एकत्रित फोर्स के साथ ऋषिकेश श्यामपुर क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया।
राजमार्ग और रेलमार्ग अवरुद्ध कर यात्री और आम जनता को सुविधा पहुंचाने। इमरजेंसी सेवाओं पर व्यवधान उत्पन्न करने, सरकारी कार्य में बाधा डालने और जनता को पुलिस प्रशासन की कार्रवाई का विरोध करने व उन्हें उकसाकर उनसे अपराध कार्य करवाने की घटना पर पुलिस द्वारा लोगों को भड़काने वालों को चिन्हित करते हुए मुकदमा पंजीकृत किया जा रहा है। साथ ही सोशल मीडिया पर कुछ लोगों द्वारा पुलिस के द्वारा लाठी चार्ज करने पर विरोध प्रदर्शन करने वालों द्वारा पथराव किए जाने के संबंध में भ्रामक, अफवाह, खबर प्रसारित की जा रही है। जबकि पुलिस द्वारा लाठीचार्ज नहीं किया गया है।
विरोध प्रदर्शन करने वालों द्वारा रेल मार्ग पर बैठकर विरोध कर रहे थे, जिससे यात्री काफी परेशान थे, जिन्हें पुलिस द्वारा समझने का प्रयास करते हुए रेल मार्ग से हटने को कहा गया, जिस पर उनके द्वारा आक्रोशित होकर पुलिस पर पथराव किया गया था। इस प्रकार की भ्रामक खबर प्रसारित करने वालों को भी चिन्हित किए जाने की कार्रवाई की जा रही है, जिनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। साथ ही दुष्प्रचार करने वालों पर मॉनिटरिंग करते हुए सतर्क दृष्टि रखी जा रही है। देहरादून एसएसपी ने अपील की है कि उच्चतम न्यायालय के आदेश के क्रम में वन विभाग द्वारा वन भूमि का सर्वे किया जा रहा है। कार्रवाई के दौरान यह प्रकाश में आया है कि सरकारी वन भूमि को निजी भूमि बताकर कुछ लोगों द्वारा आम जनता को बेचा गया है। यदि किसी व्यक्ति द्वारा ऐसा कृत किया गया है तो उसकी शिकायत पीड़ित, पुलिस को कर सकते हैं। पुलिस द्वारा ऐसे सभी लोगों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

Related Articles

Back to top button