राजनीतिक हुनर सीखने के लिए योगी सरकार गाजियाबाद में खोलेगी राजनीतिक प्रशिक्षण संस्थान

लखनऊ । राजनीति में आने का ख्वाब देख रहे युवाओं और सियासी बारीकियों को न समझ पाने वाले नेताओं और जनप्रतिनिधियों के लिए खुशखबरी है। योगी सरकार गाजियाबाद में राजनीतिक प्रशिक्षण संस्थान खोलने जा रही है। कैबिनेट ने इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। राजनीतिक हुनर सिखाने के लिए यह देश की पहली पाठशाला होगी।
साठ बीघा जमीन में बनेगा संस्थान राज्य सरकार के प्रवक्ता और ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा ने बताया कि यह संस्थान दो वर्ष में बनकर तैयार हो जाएगा। यह संस्थान साठ बीघा जमीन में बनेगा और पहले चरण में इस पर 168.67 करोड़ रुपये खर्च होंगे। यह नगर विकास विभाग के अधीन होगा। नगर विकास मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कोर्स और शैक्षिक योग्यता के लिए एक कमेटी बनाई गई है। यह कमेटी प्रवेश के नियम तय करेगी। यही कमेटी पाठ्यक्रम भी तय करेगी। प्रमाण पत्र देने के लिए अंतर्राष्ट्रीय स्तर के विश्वविद्यालयों से सम्बद्धता भी ली जाएगी। इसके लिए नगर विकास विभाग के बजट में 2018-19 में 50 करोड़ रुपये की धनराशि का प्रावधान किया गया है।
जनप्रतिनिधियों को देंगे प्रशिक्षण इस संस्थान में सभी जनप्रतिनिधियों को प्रशिक्षण देंगे। लोकतांत्रिक संस्थाओं, संगठनों की विधि, परंपरा, नियम और कानून के साथ ही राजनीति में आने वाली व्यावहारिक कठिनाई, नई चुनौतियों, शासनादेशों की बारीकी समझने और जनता से संवाद जैसे कई विषयों पर प्रशिक्षण दिया जाएगा। विशेषज्ञ राजनीतिज्ञों को बतौर प्रशिक्षक आमंत्रित करेंगे। राष्ट्रीय राजधानी के करीब इसका निर्माण इसी उद्देश्य से हो रहा है कि करीब होने से दूसरे राष्ट्रों के राष्ट्राध्यक्षों को भी यहां आमंत्रित किया जा सकेगा। खन्ना ने बताया कि राजनीति में नये आने वालों के लिए यह संस्थान बहुत ही महत्वपूर्ण होगा।