National

श्रीनगर के लालचौक, दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा के काकपोरा में आतंकियों ने सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से किये तीन हमले

श्रीनगर। गणतंत्र दिवस से पहले कश्मीर में दहशत फैलाने के लिए आतंकियों ने शुक्रवार को कड़ी सुरक्षा वाले श्रीनगर के लालचौक, दक्षिण कश्मीर के शोपियां और पुलवामा के काकपोरा में सुरक्षाबलों पर तीन हमले किए। इन हमलों में कोई जानी नुकसान नहीं हुआ। इस बीच, लालचौक और शोपियां में ग्रेनेड हमलों की जिम्मेदारी आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद ने ली है। श्रीनगर में 24 घंटों के भीतर शुक्रवार को दूसरा हमला हुआ है। इससे पूर्व गुरुवार दोपहर को आतंकियों ने राजबाग में पुलिस दल पर ग्रेनेड फेंका था। इस हमले में एक एएसआइ समेत तीन पुलिसकर्मी जख्मी हो गए थे। इसकी भी जिम्मेदारी जैश ने ली थी। आतंकियों ने शुक्रवार दोपहर करीब 1:50 बजे पहले लालचौक में घंटाघर के पास खड़े सीआरपीएफ की 132वीं वाहिनी और राज्य पुलिस के जवानों को निशाना बनाने के लिए ग्रेनेड फेंका। यह ग्रेनेड जवानों से दूर कश्मीरी दस्तकारी के एक शोरूम के बाहर फुटपाथ पर गिरकर फटा। इस हमले में कोई नुकसान तो नहीं हुआ, लेकिन इससे एक दुकान के बाहरी हिस्से के अलावा एक कार क्षतिग्रस्त हो गई। धमाके की आवाज से लालचौक में अफरा-तफरी मच गई। जवानों ने उसी समय पूरे इलाके की घेराबंदी करते हुए तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई सुराग नहीं लगा। लालचौक पर हमले के करीब डेढ़ घंटे बाद आतंकियों ने शोपियां के गागरन क्षेत्र में राज्य पुलिस विशेष अभियान दल (एसओजी) के शिविर को निशाना बनाते हुए ग्रेनेड से हमला किया। इससे भी कोई नुकसान नहीं हुआ। हमले के फौरन बाद एसओजी के जवानों ने शिविर के आस-पास के इलाकों की घेराबंदी करते हुए आतंकियों को पकड़ने के लिए एक अभियान चलाया। इस हमले के बाद शाम करीब पौने सात बजे आतंकियों ने पुलवामा के काकपोरा में पुलिस स्टेशन पर ग्रेनेड फेंका, लेकिन कोई नुकसान नहीं हुआ और आतंकी भाग निकले। राज्य पुलिस के एक आलाधिकारी ने बताया कि आतंकी लोगों में डर पैदा करने और अपने कैडर का मनोबल बनाए रखने के लिए ही भीड़ भरे इलाकों में सुरक्षाबलों पर ग्रेनेड से हमले कर रहे हैं। आतंकियों के मंसूबों को नाकाम बनाने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। इसके अलावा उन्हें पकड़ने के लिए उनके ठिकानों पर दबिश भी दी जा रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button