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समुद्री सुरक्षा एजेंसी तटरक्षक कानून के तहत अब देश के समुद्री क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध जहाज की तलाशी व जब्ती तथा आरोपित की गिरफ्तारी कर सकेगा

नई दिल्ली । भारतीय तटरक्षक बल अब और ताकतवर हो गया है। तटरक्षक कानून के तहत अब वह देश के समुद्री क्षेत्र में किसी भी संदिग्ध जहाज की तलाशी व जब्ती तथा आरोपित की गिरफ्तारी कर सकेगा। समुद्री सुरक्षा एजेंसी को पहले विशेष आर्थिक क्षेत्र (ईईजेड) से गुजरने वाले किसी भी जहाज पर सवार होने की भी अनुमति नहीं थी।

तटीय सुरक्षा बढ़ाई गई  रक्षा सचिव अजय कुमार ने गुरुवार को ट्वीट किया, ‘भारतीय तटरक्षक को सशक्त बनाते हुए तटीय सुरक्षा बढ़ाई गई है।’ रक्षा मंत्रालय की अधिसूचना के अनुसार, तटरक्षक कानून-1978 के तहत केंद्र सरकार तटरक्षक बल के हर सदस्य को किसी भी संदिग्ध जहाज पर जाने, उस पर सवार होने, उसकी तलाशी लेने और उसे जब्त करने या किसी भी व्यक्ति को गिरफ्तार करने का अधिकार देती है। तटरक्षक बल के जवान ऐसे किसी भी कृत्रिम द्वीप या तैरती वस्तु या जल के नीचे किसी भी चीज को जब्त कर सकेंगे, जिनके किसी अपराध में शामिल होने का संदेह हो।

पहले ईईजेड से गुजरने वाले जहाजों पर सवार होने का भी नहीं था अधिकार  इससे पहले तटरक्षक बल ईईजेड में जहाजों पर सवार होने या उन्हें जब्त करने के लिए सीमा शुल्क कानून, एनडीपीएस कानून और अन्य कानूनों का इस्तेमाल करता था। अधिकारियों ने बताया कि इसे जरूरी कानूनी समर्थन नहीं प्राप्त था और कई मामले कोर्ट में ही गिर जाते थे। जहाज कंपनियों के पास कानून से बचने के कई रास्ते थे। वे बिना किसी अधिकार के जहाज को रोकने पर तटरक्षक बल के खिलाफ मामला दर्ज करा सकती थीं। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि समुद्री सुरक्षा बल वर्ष 2009 से ही क्षेत्रीय जल, महाद्वीपीय शेल्फ (तटों के निकट अपेक्षाकृत संकरी व उथली सागरीय पेटी), विशेष आर्थिक क्षेत्र और अन्य समुद्री क्षेत्र अधिनियम-1976 के तहत ज्यादा अधिकार दिए जाने की मांग कर रहा था।

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