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नागरिकता संशोधन कानून अमानवीय प्रताड़ना झेलने वालों को मानवीय सम्मान देने का प्रयास हैः-मुख्तार अब्बास नकवी

नई दिल्ली। अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने एक बार फिर साफ किया है कि नागरिकता कानून में संशोधन से किसी भारतीय मुसलमान या अन्य नागरिक की नागरिकता पर खतरे का सवाल ही नहीं उठता है। नकवी ने पाकिस्तान को अल्पसंख्यकों के लिए नरक और भारत को अल्पसंख्यकों के लिए स्वर्ग बताया और इस कानून के बारे में देश में अफवाह फैलाने और लोगों को गुमराह करने के लिए विपक्षी दलों को जिम्मेदार ठहराया।

देश में अराजकता फैलाकर भाईचारे के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश  विपक्षी दलों पर हमला करते हुए नकवी ने कहा कि ‘सत्यमेव जयते’ की जगह ‘झूठमेव जयते’ पर विश्वास करने वाले दुष्प्रचार से सच्चाई को छुपाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन ‘झूठमेव जयते के राजनीतिक दुष्प्रचार’ का पर्दाफाश करने में ‘सत्यमेव जयते’ एक दिन सफल होगा। उन्होंने कहा कि जो लोग लोकतांत्रिक अखाड़े में बुरी तरह पराजित हुए हैं, वे अराजकता फैलाकर देश में भरोसे और भाईचारे के माहौल को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। हमें लोकतंत्र की ताकत के सहारे ऐसे तत्वों को मात देना होगा।

अल्पसंख्यक विकास की प्रक्रिया में बराबर के भागीदार- नकवी  अल्पसंख्यक मामलों के मंत्री ने बताया कि भारत में अल्पसंख्यक विकास की प्रक्रिया में बराबर के भागीदार हैं। उन्होंने कहा कि नागरिकता संशोधन कानून और एनआरसी को जोड़कर भ्रम की स्थिति पैदा करने वालों की साजिश का पर्दाफाश करना होगा।

CAA: अमानवीय प्रताड़ना झेलने वालों को मानवीय सम्मान देने का प्रयास  उनके अनुसार नागरिकता संशोधन कानून अमानवीय प्रताड़ना झेलने वालों को मानवीय सम्मान देने का प्रयास है। उन्होंने कहा कि संविधान के अलावा भारत में बहुसंख्यक समाज के डीएनए में मौजूद धर्मनिरपेक्षता व सौहार्द यहां अल्पसंख्यक समुदाय के सम्मान, संवृद्धि और सुरक्षा सुनिश्चित करता है और यही भारत की विविधता में एकता की शक्ति है।

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