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अल्पसंख्यक छात्रों के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग सुविधा का सीएम ने किया शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर सर्वे ऑफ इण्डिया, हाथीबड़कला में आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने अल्पसंख्यक छात्रों हेतु निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग सुविधा का शुभारंभ भी किया। अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सराहनीय कार्य करने, विभिन्न क्षेत्रों में सराहनीय कार्य करने वाले अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों एवं अल्पसंख्यक वर्ग की मेधावी छात्राओं को इस अवसर पर मुख्यमंत्री द्वारा सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम स्थल पर विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अल्पसंख्यक समुदाय के सभी लोगों को विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस पर शुभकामनाएं देते हुए कहा कि यह दिन भारत की अखण्डता और एकता के संरक्षण व संवर्धन हेतु हमारे मौलिक कर्तव्यों को याद करने का दिन है। भारत विभिन्न संप्रदायों, भाषा-बोलियों और संस्कृतियों वाला देश है। अनेकता में एकता भारत की विशिष्ट पहचान है। हमारी भारतीय संस्कृति सभी संप्रदायों का सम्मान करने की रही है। राष्ट्रीय एकता व अखण्डता के लिए धार्मिक-क्षेत्रीय विविधता के अनुरूप साम्प्रदायिक सद्भाव तथा भाई-चारे की भावना को प्रोत्साहन देने जैसे अनेकों कार्य हमारी प्राथमिकता रही है। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास एवं सबका प्रयास की भावना से देश आगे बढ़ रहा है। अल्पसंख्यक वर्ग के कल्याण एवं उत्थान के लिए अभूतपूर्व कार्य किए गए हैं। दुनिया के पीड़ित समुदाय को अपने देश में शरण देकर ’’वसुधैव कुटुम्बकम’’ भाव का पालन करना भारत की प्राचीन परंपरा का हिस्सा रहा है। प्रधानमंत्री जी के नेतृत्व में देश में नागरिकता संशोधन विधेयक पारित होना, इसी परंपरा की सार्थकता का पर्याय है। इसी के साथ ही महिला सशक्तिकरण की दृष्टि से हमारी मुस्लिम माताओं-बहनों के अधिकारों व हितों की रक्षा के लिए देश में तीन तलाक से संबंधित कानून को लागू करना एक ऐतिहासिक फैसला रहा है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में केन्द्र सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए अनेक योजनाएं चलाई जा रही हैं। राज्य सरकार द्वारा भी अल्पसंख्यक समुदाय के लिए कई योजनाओं का संचालन किया जा रहा है। अल्पसंख्यक समाज के अधिकारों का संरक्षण सरकार की प्राथमिकता है। देश में विभिन्न योजनाओं का समान रूप से लाभ सभी को मिल रहा है। राज्य सरकार द्वारा भी इस संबंध में कुछ विशेष कदम उठाए गए हैं। विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में अल्पसंख्यकों का प्रतिनिधित्व बढ़ाए जाने एवं अल्पसंख्यक छात्र-छात्राओं को प्रोत्साहित किए जाने हेतु “मुख्यमंत्री अल्पसंख्यक प्रोत्साहन योजना’’ प्रारम्भ की है। अल्पसंख्यक समुदाय के परिवारों की मेधावी छात्राओं की शिक्षा हेतु विशेष अनुदान भी उपलब्ध कराया जा रहा है। अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मांग के अनुसार आर्थिक व शैक्षणिक विकास के लिए 4 करोड़ रुपये की लागत से अल्पसंख्यक विकास निधि की स्थापना की है। मौलाना आजाद एजुकेशन फाईनेन्स फाउन्डेशन योजना के अर्न्तगत उत्तराखण्ड राज्य के गरीब अल्पसंख्यक छात्र – छात्राओं को व्यवसायिक शिक्षा हेतु व्याज मुक्त ऋण दिये जाने का प्राविधान भी किया गया है। मुख्यमंत्री हुनर योजना से भी राज्य में अल्पसंख्यकों को रोजगार दिए जाने का कार्य किया जा रहा है। सरकार ने कलियर शरीफ में 50 बेड का हॉस्पिटल स्वीकृत किया है, उसकी धनराशि भी स्वीकृत हो चुकी है। जल्द ही यह यूनानी मेडिकल कॉलेज कलियर शरीफ में बनेगा।
कैबिनेट मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में समाज के हर वर्ग को आगे बढ़ाने का कार्य हो रहा है। केन्द्र एवं राज्य सरकार की योजनाओं को आम जन तक पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने कहा कि हमें अपने अधिकारों के साथ ही अपने कर्तव्यों का निर्वहन भी गंभीरता से करना होगा। राज्य के समग्र विकास के लिए सभी वर्गों का सहयोग जरूरी है। मेयर सुनील उनियाल गामा ने कहा कि विश्व अल्पसंख्यक अधिकार दिवस के अवसर पर सभी समुदाय के लोगों को साथ लेकर यह भव्य आयोजन किया गया है। समाज के सभी वर्गों के विकास से ही किसी प्रदेश एवं देश का समग्र विकास संभव है। इस दिशा में केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा सराहनीय कार्य किया जा रहा है। उत्तराखण्ड अल्प संख्यक आयोग के अध्यक्ष डॉ. आर. के जैन ने कहा कि अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए आयोग द्वारा निरन्तर जन जागरूकता अभियान चलाये जा रहे हैं। केन्द्र एवं राज्य सरकार की इन वर्गों के लिए चलाई जा रही जन कल्याणकारी योजनाओं के प्रति जागरूक किया जा रहा है। केन्द्र एवं राज्य सरकार द्वारा अल्पसंख्यकों के कल्याण के लिए सराहनीय कार्य किये जा रहे हैं। इस अवसर पर उत्तराखण्ड अल्प संख्यक आयोग के उपाध्यक्ष मज़हर नईम नवाब, सरदार इकबाल सिंह, उत्तराखण्ड वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष शादाब शम्स, उत्तराखंड बाल संरक्षण आयोग अध्यक्ष डॉ.गीता खन्ना, खतीब अहमद, डी.आई.जी पी रेणुका देवी एवं अल्पसंख्यक समुदाय के प्रतिनिधि उपस्थित थे।

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