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कलश यात्रा निकाल कर समाज को दिया शाश्वत् भक्ति से जुड़कर आंतरिक शान्ति का संदेश

कोटद्वार। डीजेजेएस की ओर से 18 से 24 सितम्बर को कोटद्वार में होने वाली श्रीमद्भागवत् कथा का शुभारम्भ करने के लिए शनिवार को कलश यात्रा का भव्य आयोजन किया गया। गुरूदेव आशुतोष महाराज (संस्थापक एवं संचालक डीजेजेएस) की शिष्या साध्वी मेरूदेवा भारती सुप्रसिद्ध कथाव्यास, कथा का वाचन करेंगी। विशाल संख्या में शिष्यों ने कलश को शीश पर धारण कर इस कलश यात्रा में भाग लिया। कलश यात्रा का शुभारम्भ कोटद्वार क्षेत्र की मेयर हेमलता नेगी ने किया। कलश यात्रा में जाग्रत-आत्माओं की प्रार्थनाओं व उनकी दिव्य तरंगों के माध्यम से वातावरण में शान्ति और एकता का संदेश दिया गया। डीजेजेएस का उद्देश्य है प्रत्येक हृदय में ब्रह्म्ज्ञान की शाश्वत् विधि द्वारा शान्ति स्थापित करके ही यथार्थ किया जा सकता है। एक जाग्रत आत्मा में ही दूसरों को जगाने व विश्व में शान्ति की स्थापना करने की शक्ति होती है, अनियंत्रित मन जिसका एकमात्र समाधान है ‘ब्रह्म्ज्ञान’ क्योंकि ब्रह्म्ज्ञान की ध्यान साधना द्वारा ही अनियंत्रित मन को नियंत्रित किया जा सकता है, शास्त्रों में स्पष्ट वर्णन है कि समय के पूर्ण गुरू ही व्यक्ति को ब्रह्म्ज्ञान प्रदान करने का सामर्थ्य रखते है। निःसंदेह, आध्यात्मिक रत्नों के लिए डीजेजेएस द्वारा आयोजित श्रीमद्भागवत कथा सभी उम्र के वर्गों के लिये मार्ग दर्शक सिद्ध होगी। कोटद्वार के निवासियों को उनकी व्यस्थ दिनचर्या से कथा के लिये समय निकालकर लाभान्वित होने की प्रेरणा प्रदान करने में कलश यात्रा कारगर सिद्ध हुई। आशा है कथा सब के लिए सुख व शान्ति का स्रोत सिद्ध होगी।

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