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शाहीन बाग के धरने को लेकर कांग्रेस और आप के बड़े नेताओं की भूमिका शक के दायरे में, पीएफआई से जुड़े होने के मिले संकेत

नई दिल्ली। पापुलर फ्रंट के खिलाफ ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की अब तक हुई जांच में चौंकाने वाली जानकारियां सामने आई हैं। शाहीन बाग के धरने को लेकर कांग्रेस और आप के बड़े नेताओं की भूमिका शक के दायरे में आने से जांच की आंच उन तक पहुंच गई है। पीएफआइ (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) के पदाधिकारियों से पूछताछ में उनके दोनों पार्टियों के बड़े नेताओं से संबंध उजागर हुए हैं। आठ फरवरी को दिल्ली विधानसभा चुनाव के पहले आई इस जानकारी से राजनीतिक हलचल मच सकती है। उल्लेखनीय है ईडी पीएफआइ और भीम आर्मी से रिश्तों की भी पड़ताल कर रहा है।

आधा दर्जन पदाधिकारियों से पूछताछ ईडी के सूत्रों के अनुसार केरल स्थित संगठन पीएफआइ के आधा दर्जन पदाधिकारियों से पूछताछ की गई। पीएफआइ की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष परवेज अहमद ने आप के राज्य सभा सदस्य संजय सिंह से मुलाकात व कांग्रेस के उदित राज से एक रैली को लेकर बातचीत होने की बात स्वीकार की।

पीएफआइ द्वारा 27 खातों का किया जा रहा था संचालन ईडी ने बताया कि 17 बैंकों के 73 खातों में 120.5 करोड़ का संदिग्ध लेनदेन किया गया। इनमें से 27 खातों का संचालन पॉपुलर फ्रंट द्वारा किया जा रहा था। नौ खातों का संचालन रिहैब फाउंडेशन ऑफ इंडिया के जबकि 37 खाते व्यक्तिगत रूप से संचालित होते मिले।  ईडी सूत्रों के अनुसार शाहीन बाग धरने के लिए चंदे का बड़ा हिस्सा नकद आया था जिसे शाहीन बाग स्थित पापुलर फ्रंट के राष्ट्रीय मुख्यालय में रखा गया था। जांचकर्ताओं ने पाया कि नागरिकता संशोधन कानून के विरोध में शाहीन बाग समेत देश भर में चल रहे धरनों को संचालित करने के लिए पीएफआइ और आरएफआइ ने 120 करोड़ रुपये की व्यवस्था की। ईडी ने पश्चिम उत्तर प्रदेश में अपनी टीम भेजकर उन लोगों की जांच कराई जिन्होंने संदिग्ध खातों में बड़ी राशि जमा कराई थी।

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