Uttarakhand

सन् 1924 से वजूद में है रेमन सर्कस-श्यामसिंह थापा

देहरादून। इन दिनों परेड ग्राउण्ड में चल रहे रेमन सर्कस के प्रमोटर प्रबंधक श्यामसिंह थापा ने आज यहां एक प्रैसवार्ता का आयोजन किया जिसमें उन्होंने पत्रकार वार्ता के दौरान बताया कि रेमन सर्कस का इतिहास बहुत पुराना है, रेमन सर्कस की स्थापना सन् 1924 में केरल के प्रो0 के0 गोपालन ने की थी। महाराजा रतलाम के संरक्षण व आशिर्वाद से इस सर्कस को के0 गोपालन की तीसरी पीढ़ी ने रजा मुहम्मद खान के सुपुर्द कर दिया था तथा वर्तमान में इस सर्कस के मालिक रजा खान ही हैं जो कि हमीरपुर उ0प्र0 के रहने वाले हैं। उन्होंने आगे बताया कि इस सर्कस में लगभग 120 लेडीज व जेंट्स कलाकार हैं जो कि रशिया,मंगोलिया, मणिपुर,नेपाल व भारत के कई शहरों से हैं और अपनी उत्कृष्ट कला का प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने दुख प्रकट करते हुए बताया कि वर्तमान समय में सर्कस का क्रेज कम होता जा रहा है जिस कारण सर्कस के वजूद पर ही संकट आ गया है। हमारे देश में सर्कस दिखाने की कला लगभग 1000 वर्ष पुरानी है पहले लगभग 200 सर्कस थे जो कि आज महज 15 के करीब ही रह गये हैं जिस कारण यह कला आज विलुप्त होने के कगार पर है जिसको बचाने के लिये सरकार के साथ-साथ आम जनता को भी प्रयास करने होंगे। चूंकि सर्कस का उद्घाटन 6मई 2018 को विधान सभा अध्यक्ष श्री प्रेमचंद अग्रवाल के हाथों हो चुका है और तब से हम रोजना तीन शो कर रहे हैं जिनका समय पहला शो दोपहर 1बजे, दूसरा 4 बजे व तीसरा सांय 7 बजे से है।

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