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कोविड-19 की दूसरी लहर के दौरान लिविंगार्ड एजी ने भारतीयों की सुरक्षा के लिए कदम बढ़ाए

देहरादून। कोविड-19 के मामलों की संख्या प्रतिदिन बढ़ती जा रही है। महाराष्ट्र में सबसे ज्यादा सक्रिय मामलों के साथ मरीजों का आंकड़ा 5 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गया है। संक्रमित लोगों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी के लिए, आम जनता के बीच मास्क पहनने और कोविड-19 के बुनियादी प्रोटोकॉल का पालन करने के प्रति उदासीनता के भाव को जिम्मेदार ठहराया जा सकता है। कोविड के मामलों बढ़ती संख्या पर काबू पाने तथा लोगों के स्वास्थ्य एवं कल्याण की रक्षा करने के अपने उद्देश्य पर कायम रहते हुए, पूरी दुनिया में जाने-माने हाइजीन ब्रांड, लिविंगार्ड एजी ने अपने स्वच्छता उत्पादों, विशेष रूप से मास्क और ग्लव्स को आम जनता, और सरकारों, सार्वजनिक क्षेत्र के निकायों, कॉर्पोरेट कंपनियों, अस्पतालों, हॉस्पिटैलिटी संस्थानों, विनिर्माण इकाइयों जैसे विभिन्न संगठनों के लिए पहले से अधिक सुलभ बना दिया है। भारत में विनिर्माण को बढ़ावा देकर, लिविंगार्ड अपने उत्पादों के निर्माण की लागत कम करने तथा बी2बी से बी2सी चैनलों तक कीमतों में 50 प्रतिशत तक की कटौती करने में सक्षम हुआ है। बर्लिन की फ्रेई यूनिवर्सिटी तथा यूनिवर्सिटी ऑफ एरिजोना के डिपार्टमेंट ऑफ एनवायर्नमेंटल साइंस के शोधकर्ताओं ने इस बात को वैज्ञानिक तरीके से साबित कर दिखाया है कि, लिविंगार्ड तकनीक के साथ विकसित टेक्सटाइल 99.9 प्रतिशत बैक्टीरिया एवं वायरस को नष्ट करने में सक्षम है, जिसमें एसएआरसी सीओवी 2 (कोविड-19 का कारण बनने वाले वायरस) भी शामिल हैं। इसके अलावा, इन्हें पुनः उपयोग में लाया जा सकता है तथा इन्हें 6 महीनों की अवधि तक धोकर बार-बार इस्तेमाल किया जा सकता है, और इस तरह ये लगभग 210 सिंगल-यूज मास्क के बराबर हैं।

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