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पाक मीडिया के निशाने पर आये इमरान,देश की चुनौतियों का सामना करने में विफल रहने का लग रहा आरोप

इस्लामाबाद। देश की चुनौतियों का सामना करने में विफल रहने पर प्रमुख पाकिस्तानी अखबारों ने प्रधानमंत्री इमरान खान की जमकर आलोचना की है। प्रमुख रूप से आर्थिक मोर्चे और सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा को सेवा विस्तार देने के लिए संसद में बिल पारित कराने की जल्दबाजी को लेकर जमकर निशाना साधा गया है। डॉन अखबार ने सोमवार को प्रकाशित एक संपादकीय में कहा कि इस प्रकार का एक ट्रेंड दिखाई दे रहा है कि जब भी महत्वपूर्ण फैसले करने होते हैं तो प्रधानमंत्री मौजूद नहीं होते हैं। देश की अर्थव्यवस्था की बात करें तो इससे जुड़े सभी क्षेत्र विनाशकारी खतरे की ओर बढ़ रहे हैं।

पोलियो को लेकर अखबार ने साधा निशाना हाल ही में बिजली और गैस की कीमतों में की गई वृद्धि कुशासन को दर्शाती है। सरकार की उपेक्षा के परिणाम हर क्षेत्र में दिखाई दे रहे हैं। सत्तारूढ़ पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के सोशल मीडिया प्रमुख को पोलियो कार्यक्रम का प्रभारी नियुक्त करने पर भी अखबार ने निशाना साधा। अखबार ने सरकार के इस निर्णय को देश में पोलियो वायरस के लौटने से जोड़कर टिप्पणी की है। संपादकीय में कहा गया है कि सत्ता के शीर्ष पर नेतृत्व का अभाव दिखता है।

सत्तारूढ़ पार्टी ने नहीं सीखा कोई सबक उधर, द नेशन ने रविवार को अपने संपादकीय में कहा कि सत्तारूढ़ पीटीआइ ने अभी तक कोई सबक नहीं सीखा है। सेना प्रमुख जनरल कमर जावेद बाजवा के सेवा विस्तार अध्यादेश पर सुप्रीम कोर्ट का फैसला इमरान के लिए चेतावनी थी। पार्टी को संसद को नजर अंदाज नहीं करना चाहिए। संपादकीय में कहा गया है कि क्रिकेटर से राजनेता बने खान की अगुआई वाली पार्टी पहली बार सत्ता में आई है, लेकिन सदियों से चली आ रही लोकतांत्रिक प्रक्रिया की अनदेखी नहीं की जा सकती है।

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