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जम्मू कश्मीर में नया राज्यपाल बनने के साथ ही प्रदेश भाजपा में फिर से सरकार बनने की सुगबुगाहट तेज

जम्मू ।  जम्मू कश्मीर में नया राज्यपाल बनने के साथ ही प्रदेश भाजपा में फिर से सरकार बनने की सुगबुगाहट तेज हो गई है। हालात सामान्य रहे तो दिल्ली में आठ, नौ सितंबर को भाजपा की राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक के बाद सरकार के गठन की दिशा में कदम उठाया जा सकता है। ऐसे हालात में बुधवार को प्रदेश भाजपा मुख्यालय में हुई विधायकों की बैठकों में आगे की रणनीति पर चर्चा की गई। भाजपा मुख्यालय में प्रदेश अध्यक्ष रविंद्र रैना की अध्यक्षता में हुई बैठक में संगठन महामंत्री अशोक कौल भी मौजूद थे। पार्टी सूत्रों के अनुसार, इस दौरान सरकार गिराने के बाद राजनीतिक लक्ष्य की पूर्ति के लिए जमीनी सतह पर हो रही तैयारियों पर चर्चा की गई। वहीं, कुछ दिनों बाद होने वाली राष्ट्रीय कार्यकारिणी की बैठक पर भी विचार-विमर्श किया गया। पीडीपी से नाता तोड़ सरकार गिराने वाली भाजपा की पूरी कोशिश है कि जम्मू में पंचायत और स्थानीय निकाय चुनाव उनकी सरकार ही करवाए। ऐसे हालात में प्रदेश भाजपा के वरिष्ठ नेताओं का एक दल 31 अगस्त को राज्यपाल सत्यपाल मलिक से मिलेगा।  वैसे तो नए राज्यपाल से यह बैठक स्थानीय निकाय व पंचायत चुनाव मुद्दों पर केंद्रित है, पर इस दौरान सरकार के गठन के मुद्दे पर भी चर्चा हो सकती है। प्रदेश भाजपा में इस समय निकाय व पंचायत चुनाव के लिए पार्टी उम्मीदवार तय करने की प्रक्रिया चल रही है।अंदर ही अंदर प्रदेश भाजपा में सरकार बनाने के लिए गतिविधियां जारी हैं। यही कारण है कि भाजपा ने अनुशासनात्मक कार्रवाई का सामना कर रहे आरएसपुरा के विधायक डॉ. गगन भगत के प्रति अपने तेवर नरम कर लिए हैं। पीपुल्स कांफ्रेंस के चेयरमैन व भाजपा के कोटे से मंत्री रह चुके सज्जाद लोन नई सरकार के सूत्रधार होंगे। लोन कुछ समय से सरकार बनाने के लिए समर्थन जुटाने की कोशिश में हैं। भाजपा के सामने दो विकल्प हैं। भाजपा, नेशनल कांफ्रेंस के साथ सरकार बनाने की कार्रवाई करे या फिर पीडीपी को बागी तेवर दिखा रहे विधायकों के समर्थन से सत्ता हासिल करे। नेशनल कांफ्रेंस के साथ मिलकर सरकार बनाना आसान है। फारूक अब्दुल्ला ने भी भारत माता की जय का नारा बुलंद कर इसका संकेत दिया है। वर्तमान में निलंबित 87 सदस्यीय विधानसभा में नेशनल कांफ्रेंस के 15 विधायक हैं, जबकि भाजपा के 25 विधायक हैं। सरकार बनाने के लिए सिर्फ चार विधायकों की कमी है। दो विधायक सज्जाद गनी लोन की पार्टी पीपुल्स कांफ्रेंस से हैं, जो गठबंधन में शामिल रहेंगे। कारगिल के जंस्कार के विधायक का भी भाजपा को समर्थन देना तय है। वहीं, भाजपा से नाता तोड़ कर ऊधमपुर से निर्दलीय विधायक बने पवन गुप्ता भी इस सरकार को समर्थन दे सकते हैं। वह पिछली सरकार में राज्यमंत्री रहे थे।

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