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नशे को जड़ से उखाड़ने की रणनीति बनाई

हरिद्वार। प्रदेश को नशा मुक्त बनाने की दिशा में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देश पर शुरू किए गए ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत शुक्रवार को एडीजी लॉ एंड आर्डर वी मुरुगेशन ने हरिद्वार में पुलिस अधिकारियों की बैठक ली। जिसमें अभियान की जानकारी देते हुए हरिद्वार से नशे को जड़ से उखाड़ने की रणनीति बनाई गई। बैठक में एडीजी लॉ एंड आर्डर वी मुरुगेशन ने बताया कि मुख्यमंत्री के ड्रीम प्रोजेक्ट के अंतर्गत 2025 तक नशे को देवभूमि उत्तराखंड से मुक्त करने की मुहिम के तहत हर थाना क्षेत्र में टीमें गठित करते हुए नशे के विरुद्ध एक अभियान चलाना है। जिसमें सभी अधिकारियों, पुलिसकर्मियों को आमजन, जनप्रतिनिधियों, स्कूलों व एनजीओ के सहयोग से कार्रवाई करने के साथ-साथ जन जागरूकता लानी है। अभियान में इस बात पर जोर दिया जाना है कि नशा बहुत तेजी से युवा पीढ़ी को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। लगभग हर घर में नशे की आग लगी है। अगर इसे जल्द नहीं रोका तो अगला घर हमारा ही होगा। इस भावना से काम करना है। उन्होंने कहा कि सभी प्रभारी इस मीटिंग के बाद जाकर अपने-अपने थाना क्षेत्र में मीटिंग करके गंभीरता पूर्वक अपने सभी अधीनस्थों को अवगत कराएं और कानून में हो रहे बदलावों व नशे से हो रहे नुकसान के बारे में भी अपने थाना समेत क्षेत्रवासियों में भी जागरूकता अभियान चलाएं।
बैठक के दौरान पीओ अरुण कौर ने नशा रोकथाम से संबंधित कानूनी कार्रवाई के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि अभियुक्त के विरुद्ध किन-किन नियमों के अंतर्गत सही प्रकार से कार्रवाई की जा सके। जिससे अभियुक्त को उसके अपराध के अनुसार सजा दी जा सके। एडीजी ने सभी पुलिस अधिकारियों को निर्देशित किया कि नशे से संबधित अभियुक्ति के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करें। कई बार खामियों के कारण उसका फायदा अभियुक्त को हो जाता है और वह जेल जाने से बच जाता है। क्योंकि अपराधी को सजा जरूर मिलनी चाहिए। जिससे कि हमारा समाज नशा मुक्त होकर एक स्वस्थ देवभूमि बन सके युवा मिशन हमको कंधे से कंधे मिलाकर पूर्ण करना है। बैठक में डीआईजी गढ़वाल करन सिंह नगन्याल, एसएसपी डा योगेंद्र सिंह रावत सहित जनपद के सभी पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

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