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पूर्व आईएफएस किशनचंद को अखाड़े से निष्कासित किया

हरिद्वार। विजिलेंस की रडार पर पर पूर्व आईएफएस किशनचंद को श्री गुरु रविदास अखाड़ा के महामंत्री पद से निष्कासित करते हुए बाहर कर दिया गया है। बृहस्पतिवार को बहादराबाद रिसर्च कॉलोनी में हुई श्री गुरु रविदास अखाड़ा की बैठक में पूर्व विधायक और अखाड़े के अध्यक्ष रविदासाचार्य सुरेश राठौर ने यह निर्णय लिया।
सुरेश राठौर ने कहा कि किशनचंद के विरुद्ध जो भी जांच चल रही हैं और जब तक वह पूरी नहीं हो जाती। जब तक वह संन्यास परंपराओं को धारण नहीं करते हैं तक तक उन्हें अखाड़े के महामंत्री पद और अखाड़े की सभी कार्यकलापों से मुक्त किया जाता है। किशनचंद पर कॉर्बेट टाइगर रिजर्व की कालागढ़ रेंज में तैनाती के दौरान मोरघट्टी और पाखरो में अवैध तरीके से निर्माण कार्य कराने, हरे पेड़ों के कटान, सरकारी धन के दुरुपयोग और फर्जी बिल बनाकर ठेकेदारों को भुगतान करने के आरोप लगे हैं। मामले की जांच विजिलेंस कर रही है। पिछले दिनों हल्द्वानी विजिलेंस कोर्ट से गैर जमानती वारंट जारी किए थे। वारंट जारी करने के बाद उनकी गिरफ्तारी के लिए विजिलेंस की टीम ने हरिद्वार जनपद में उनके कई ठिकानों पर दबिश दी थी। पर वह हाथ नहीं आए थे। विजिलेंस उन्हें कभी भी गिरफ्तार कर सकती है। इससे अखाड़े की छवि को धूमिल होने से बचाने के लिए अखाड़े ने किशनचंद से फिलहाल दूरी बनाए रखने में ही भलाई समझी है। नवंबर में सुरेश राठौर ने अखाड़े बनाने के एलान के साथ ही किशनचंद को महामंत्री पद से नवाजा था। लेकिन विजिलेेंस की जांच के चलते उन्हें इस पद से हटाना पड़ गया।

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