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बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत राशन वितरित नहीं करने का निर्णय लिया

विकासनगर। सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता एसोसिएशन की त्यूणी स्थित राशन गोदाम में संपन्न हुई बैठक में राशन विक्रेताओं ने बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत राशन वितरित नहीं करने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही राशन विक्रेताओं ने लंबे समय से राशन भाड़ा नहीं मिलने पर सरकार के खिलाफ आक्रोश जताया।
बुधवार को सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेता एसोसिएशन की बैठक में राशन विक्रेताओं ने कहा कि सीमांत तहसील क्षेत्र के अधिकांश गांवों में कनेक्टिविटी की समस्या बनी रहती है, ऐसे में बायोमेट्रिक प्रणाली से राशन वितरित करना मुश्किल है। जबकि जिन क्षेत्रों में नेटवर्क की सुविधा मुहैया हो रही है, वहां भी राशन विक्रेताओं को नेट पैक की सुविधा नहीं दी जा रही है। कहा कि पिछले 15 माह से रेगुलर परिवहन भाड़ा नहीं दिया है, जबकि कोविड काल में वितरित किए गए निशुल्क राशन का भाड़ा भी नहीं दिया गया है। राशन भाड़ा नहीं मिलने से सभी राशन विक्रेताओं के सामने आर्थिक संकट गहरा गया है। इसके साथ ही जो दाल कोविड काल में वितरित की गई थी, उसका लाभांश राशन डीलरों को नहीं मिला है। राज्य सरकार ने राशन का लाभांश 143 रुपये से बढ़ाकर 180 रुपये प्रति कुंतल किए जाने की घोषणा की गई थी, लेकिन अभी तक इस घोषणा पर भी अमल नहीं हुआ है। कहा कि सरकार की ओर से पिछले बीस साल से परिवहन भाड़ा तीन रुपये प्रति किमी की दर से दिया जा रहा है, जबकि बढ़ती महंगाई को देखते हुए इसे बढ़ाकर 15 रुपये प्रति किमी किया जाना चाहिए। कोविड काल में दस किलो की राशन किट वितरित की गई, जिसका प्रति विक्रेता दो हजार रुपये गोदाम खर्चा भी राशन विक्रेताओं को नहीं मिला है। कहा कि जब तक सभी लंबित मांगों पर कार्यवाही नहीं हो जाती तब तक बायोमेट्रिक प्रणाली के तहत राशन वितरित नहीं किया जाएगा। इस दौरान एसोसिएशन के अध्यक्ष नरेंद्र रावत, बलवीर सिंह, रमेश जोशी, राजेंद्र शर्मा, संजय, अमित, पृथ्वी सिंह, अक्षय आदि मौजूद रहे।

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