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उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष चुनी गईं दरवेश यादव की पूर्व सहयोगी अधिवक्ता ने की हत्या

आगरा। दो दिन पहले ही उत्तर प्रदेश बार काउंसिल की अध्यक्ष चुनी गईं दरवेश यादव की दीवानी कचहरी परिसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई है। वह अध्यक्ष बनने पर स्वागत समारोह के बाद वरिष्ठ अधिवक्ता अरविंद कुमार मिश्रा के चैम्बर में बैठी थीं। वहीं, पर पूर्व सहयोगी अधिवक्ता मनीष शर्मा ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से यूपी बार काउंसिल की अध्यक्ष को तीन गोली मारी दी। इसके बाद मनीष शर्मा ने खुद को भी दो गोली मार ली। मनीष शर्मा को सिकंदरा हाईवे स्थित रेनबो अस्पताल में भर्ती कराया गया है। दरवेश को पुष्पांजलि अस्पताल में डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया है। एडीजी अजय आनंद समेत अन्य अधिकारी और वरिष्ठ अधिवक्ता मौके पर पहुंच चुके हैं।  हत्या के कारणों का पता नहीं लग सका है। प्रयागराज में रविवार को आगरा की दरवेश यादव और वाराणसी के हरिशंकर सिंह यूपी बार काउंसिल के अध्यक्ष संयुक्त रूप से चुने गए थे। अध्यक्ष पद पर हरिशंकर सिंह व दरवेश यादव को 12-12 बराबर वोट मिले। बराबर मत के आधार पर दोनों को छह-छह माह के लिए चयनित किया गया। परंपरा व सहमति के आधार पर दरवेश यादव पहले छह माह और हरिशंकर सिंह को शेष छह माह अध्यक्ष रहना था। एडीजी यूपी पुलिस आनंद कुमार ने बताया कि उत्तर प्रदेश बार काउंसिल अध्यक्ष दरवेश यादव की उनके सहयोगी मनीष शर्मा ने एक कार्यक्रम के दौरान गोलीमार हत्या कर दी। उसने उन्हें 3 गोलियां मारीं, उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

मनीष को ले गए मेदांता  नवनिर्वाचित अध्‍यक्ष दरवेश को गोली मारने के बाद खुद को दो गोली मारने वाले अधिवक्‍ता मनीष की हालत भी खतरे में है। एक गोली उनके सिर में लगी है। यहां रेनबो हॉस्पिटल में डाॅक्‍टराेे ने उनकी हालत चिंताजनक बताई। इसके बाद परिजन मनीष को मेदांता हॉस्पिटल गुरुग्राम ले गए हैं।

 बार काउंसिल ने की 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की मांग  दरवेश यादव की हत्या पर गहरा दुख जताते हुए उत्तर प्रदेश बार काउंसिल ने अन्य सदस्यों की सुरक्षा की मांग की है। बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने इस हत्याकांड की कड़ी निंदा की है। बीसीआई ने यूपी सरकार से मृतक अध्यक्ष के परिवार के लिए सुरक्षा के साथ ही न्यूनतम 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता मुहैया कराने की मांग की है।

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