भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष की मां अष्टभुजा मंदिर में की पूजा-अर्चना

हल्द्वानी। भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने अपने उत्तराखंड दौरे के दिन मां अष्टभुजा मंदिर में दर्शन कर पूजा-अर्चना की।
गुरूवार को भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने मां अष्टभुजा से देश-प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और पौड़ी गढ़वाल के सांसद अनिल बलूनी समेत कई वरिष्ठ नेता उनके साथ मौजूद रहे। नितिन नवीन ने उत्तराखंड की देवभूमि, संस्कृति और शहीदों की भूमि के रूप में विशेष रूप से सराहना की। हल्द्वानी में बीजेपी की प्रदेश कार्यसमिति की बैठक में शामिल होने पहुंचे पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने गुरुवार सुबह मां अष्टभुजा मंदिर पहुंचकर पूजा-अर्चना की.उन्होंने विधि-विधान के साथ मंदिर में पूजा की और देश एवं प्रदेश की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की. इस दौरान उनके साथ उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट, पौड़ी लोकसभा सांसद अनिल बलूनी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और पदाधिकारी मौजूद रहे.मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना के बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड के कण-कण में देवताओं का निवास है। यह भूमि अपनी समृद्ध विरासत, संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं के लिए देश-दुनिया में विशेष पहचान रखती है। नितिन नवीन ने कहा कि उत्तराखंड की यह पवित्र भूमि इसी तरह ऊर्जावान और आध्यात्मिक शक्ति से भरपूर बनी रहे, यही उनकी कामना है।
भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष ने उत्तराखंड को वीरों और शहीदों की भूमि बताते हुए देश की रक्षा के लिए अपना सर्वाेच्च बलिदान देने वाले वीर जवानों को नमन भी किया।दरअसल, बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष इन दिनों उत्तराखंड के दो दिवसीय दौरे पर हैं। हल्द्वानी में आयोजित भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष के मंदिर दर्शन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और बीजेपी के वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी भी रही। पूजा-अर्चना के बाद नितिन नवीन ने उत्तराखंड की संस्कृति और धार्मिक परंपराओं के प्रति अपनी आस्था और सम्मान को जाहिर किया। कार्यसमिति की बैठक में उन्होंने पार्टी संगठन को लेकर कई महत्वपूर्ण संदेश दिए। इसके बाद सुबह धार्मिक स्थल पहुंचकर उन्होंने पूजा-अर्चना की।



