National

भारतीय वायु सेना की तरफ से बालाकोट में जो हमला किया गया उससे आतंकी संगठन का एक बड़ा ट्रेनिंग सेंटर नष्ट होने के साथ साथ वहां जुटे आतंकियों का भी सफाया हो गयाः-मौलाना अम्मार

नई दिल्ली। पड़ोसी देश पाकिस्तान उपर से चाहे जितनी भी होशियारी दिखाने की कोशिश करे अंदरखाने भारत की अगुवाई में उस पर पड़ रहे अंतरराष्ट्रीय दबाव का साफ असर दिखाई देने लगा है। एक दिन पहले विदेश मंत्री महमूद शाह कुरैशी ने स्वीकार किया था कि जैश ए मुहम्‍मद का सरगना पाकिस्तान में पनाह लिये हुए और अब जैश ए मुहम्‍मद की तरफ से यह स्वीकारोक्ति आ गई है कि भारतीय वायु सेना की तरफ से बालाकोट में जो हमला किया गया था, उससे इस आतंकी संगठन का एक बड़ा ट्रेनिंग सेंटर नष्ट हो गया है और वहां जिहाद के लिए जुटे आतंकियों का भी सफाया हो गया है। यह स्वीकारोक्ति जैश के सरगना मौलाना अजहर के छोटे भाई मौलाना अम्मार ने की है जो खुद ही जैश की जिहाद संबंधी गतिविधियों से जुड़ा हुआ है। बालाकोट स्थित जिहाद की जो फैक्ट्री चलाई जा रही थी उसकी देखरेख में भी मौलाना अम्मार की अहम भूमिका होती थी। साथ ही वह जैश के तमाम आतंकी प्रशिक्षण केंद्रों में कश्मीर के नाम पर युवकों में हिंदुस्तान के प्रति नफरत भरने का काम भी करता है। भारतीय वायु सेना ने बालाकोट पर 26 फरवरी को सुबह में हमला किया था। उसके दो दिन बाद 28 फरवरी को पेशावर में एक जलसे में मौलाना अम्मार ने अपना दुखड़ा रोया है। भारतीय खुफिया एजेंसियों को मौलाना अम्मार के इस भाषण को उन बलूची लोगों ने उपलब्ध कराया है, जो वहां मौजूद थे।  इसमें उसने भारतीय वायु सेना के हमले को दुश्मन की तरफ से ऐलाने जंग करार दिया है। उसने यह भी कहा है कि भारतीय वायु सेना ने जैश के हेडक्वार्टर पर हमला नहीं किया बल्कि यह हमला उस जगह पर किया गया है जहां जैश के अधिकारियों की बैठक हुआ करती थी और जिहाद की तालीम दी जाती थी। उसने यह भी पोल खोल दी है कि उस केंद्र पर जिहादी कश्मीर के नाम पर ही इकठ्ठे होते थे। उसके भाषण से साफ है कि कश्मीर के हालात को लेकर बालाकोट स्थित आतंकी प्रशिक्षण केंद्र में वहां आये लोगों को खूब भड़काया जाता था। भारत के प्रति बेहद नफरत भरे भाषण मे उसने यह भी धमकी दी है कि अब चींटी के पर निकल आए हैं और यह बालाकोट तक पहुंच गई है। ऐसे में अब इस चींटी को अपने पैरों तल कुचलने का वक्त आ गया है। इसके अलावा भी उसने भारत को सीधे तौर पर चुनौती देने वाले अंदाज में कहा है कि अब जैश के कारकून हिंदुस्तान में घुस कर उनके सैनिकों पर हमला करेंगे और लाल किले पर अपना झंडा लहराएंगे।

खुफिया एजेंसियों के सूत्रों का कहना है कि भारत को यह आडियो एक दिन पहले ही स्थानीय लोगों ने उपलब्ध कराये हैं। पेशावर में जैश का यह जलसा पाकिस्तान की सैन्य एजेंसियों की सुरक्षा में किया गया है। इसका मकसद भारत की तरफ से हुए हमले के बाद जैश के आतंकियों के बीच भरोसे को कायम करना है। जहां पर इस जलसे का आयोजन किया गया था वहां पर मौलाना मसूद अजहर भी पूर्व में कई बार संबोधित कर चुका है।  उल्लेखनीय तथ्य यह भी है कि यह ऑडियो उसी दिन मिला है जब पाकिस्तान के विदेश मंत्री यह स्वीकार कर रहे हैं कि जैश का मुखिया पाकिस्तान में है लेकिन बेहद बीमार है। यही नहीं, शनिवार को उन्होंने यह भी कहा है कि पाकिस्तान अपनी जमीन का इस्तेमाल किसी भी दूसरे देश के खिलाफ आतंकी गतिविधियों में इस्तेमाल होने नहीं देगा। उन्होंने स्वीकार किया है कि दो दिन पहले भारत की तरफ से जैश की गतिविधियों पर एक डोजियर पाकिस्तान को सौंपा गया है। जैश लीडर मौलाना अम्मार के आडियो टेप ने साफ कर दिया है कि भारत जो कुछ भी जैश के बारे में कहता रहा है वे सच हैं।

Related Articles

Back to top button