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उत्तराखण्ड आने वाले बाहरी राज्यों के वाहनों से इसी हफ्ते से वसूला जाएगा ग्रीन सेस

देहरादून। उत्तराखंड सरकार लंबे समय से ग्रीन सेस कलेक्शन की दिशा में काम कर रही है। ताकि, हर साल लाखों की संख्या में अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूला जा सके। लेकिन अभी तक ग्रीन सेस कलेक्शन की प्रक्रिया धरातल पर नहीं उतर पाई है। जबकि, परिवहन विभाग का कहना है कि जनवरी महीने के इसी हफ्ते में ग्रीन सेस कलेक्शन की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। ताकि, जल्द से जल्द यह प्रक्रिया शुरू हो जाए और भविष्य में जो भी तकनीकी खामियां आएंगी, उनको समय के साथ दूर किया जाता रहेगा। लेटलतीफी की वजह परिवहन विभाग को आईटीडीए से पर्याप्त सर्वर न मिलना बताया जा रहा है, जिसके चलते यह प्रक्रिया प्रस्तावित समय पर शुरू नहीं हो पाई है।
बता दें कि हर साल लाखों की संख्या में वाहन अन्य राज्यों से उत्तराखंड आते हैं। जिससे प्रदेश के पर्यावरण पर राज्य के वाहनों के अलावा अन्य राज्यों के वाहनों से निकलने वाले पॉल्यूशन का भार पड़ता है, साथ ही राज्य की सड़कों पर भी दबाव पड़ता है। जिसको देखते हुए राज्य सरकार ने अन्य राज्यों से उत्तराखंड आने वाले वाहनों से ग्रीन सेस वसूलने का निर्णय लिया है।
दरअसल, साल 2024 की शुरुआत में ही उत्तराखंड सरकार ने अन्य राज्यों की गाड़ियों से ग्रीन सेस वसूलने संबंधित अधिसूचना जारी कर दी थी, लेकिन अभी तक ये प्रक्रिया प्रदेश में लागू नहीं हो पाई है। जबकि, ग्रीन सेस कलेक्शन की तमाम तारीखें सामने आ चुकी हैं। ऐसे में अब एक बार फिर परिवहन विभाग ने इसी हफ्ते ग्रीन सेस कलेक्शन शुरू करने की बात कही है।
दरअसल, 18 दिसंबर को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राजस्व प्राप्ति के संबंध में समीक्षा बैठक की थी। बैठक के दौरान सीएम धामी ने ग्रीन सेस कलेक्शन की कार्रवाई में हो रही लेटलतीफी पर नाराजगी जताई थी। साथ ही परिवहन विभाग को इस बाबत निर्देश दिए थे कि जल्द से जल्द ग्रीन सेस कलेक्शन की प्रक्रिया को शुरू किया जाए। इसके बाद ही परिवहन विभाग ने इस पर जोर दिया था कि जनवरी महीने के पहले हफ्ते में ही ग्रीन सेस कलेक्शन की प्रक्रिया को शुरू कर दिया जाएगा। क्योंकि, वर्तमान समय में आईटीडीए की ओर से सर्वर को मजबूत या बढ़ाने की जरूरत है। ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि जनवरी के पहले हफ्ते में ग्रीन सेस कलेक्शन की प्रक्रिया शुरू हो जाएगी।
अपर परिवहन आयुक्त सनत कुमार सिंह ने कहा कि ग्रीन सेस कलेक्ट करने के लिए तमाम तकनीकी काम होते हैं। इसके लिए सॉफ्टवेयर पहले ही तैयार कर लिया गया था, लेकिन इंटीग्रेशन प्रक्रिया में समय लग रहा है। ऐसे में एनपीसीआई से इंटीग्रेशन वाली सभी प्रक्रियाओं को पूरी कर लिया गया है। अब एनपीसीआई यानी नेशनल पेमेंट्स कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया की ओर से टेस्टिंग कराई जा रही है, जिसकी प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा ग्रीन सेस कलेक्शन के लिए जो सॉफ्टवेयर तैयार किया गया है, उसको एएनपीआर से मिलने वाले डेटा के साथ वाहन से भी इंटीग्रेटेड करना है। जिसमें से ज्यादातर इंटीग्रेशन के काम पूरे किए जा चुके हैं। परिवहन विभाग ने ग्रीन सेस से संबंधित सभी डाटा आईटीडीए यानी सूचना प्रौद्योगिकी विकास एजेंसी देहरादून में रखा है, लेकिन आईटीडीए में सर्वर और स्टोरेज की शॉर्टेज होने की वजह से परिवहन विभाग को जितने स्टोरेज और सरवर की जरूरत थी, उसका आठवां हिस्सा प्राप्त हुआ है। जिसके चलते स्पीड काफी ज्यादा स्लो है।

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