News UpdateUttarakhand

एमडीडीए ने मैसानिक लॉज में 77 अवैध निर्माणों को सील किया

मसूरी। नगर पालिका परिषद के मैसानिक लॉज स्थित बस स्टैण्ड चैड़ीकरण के नीचे बनाये गये अवैध 80 आवासों में से 77 आवास भारी पुलिस बल, प्रशासन, एमडीडीए व पालिका के संयुक्त प्रयासों से सील कर दिये गये। नगर पालिका परिषद की गत बोर्ड ने मैसानिक लॉज बस स्टैण्ड का चैड़ीकरण किया, लेकिन उसके नीचे अवैध अस्सी कमरे बना दिए थे जिस पर एमडीडीए ने दो वर्ष पूर्व सील कर दिए थे लेकिन उसके बाद लोगों ने सील तोड़कर उन कमरों पर कब्जे कर लिए। जिस पर हाई कोर्ट में पीआईएल डाली गयी व हाई कोर्ट के आदेश पर इन सभी अस्सी कमरों को सील करने के निर्देश दिए गये जिस पर प्रशासन, पुलिस ने कुछ दिन पूर्व भी प्रयास किया लेकिन लोगों ने समय मांगा था उसकी समय सीमा पूरी होने पर आज भारी पुलिस, पीएसी व महिला पुलिस की मौजूदगी में नायब तहसीलदार, कोतवाल, एमडीडीए व पालिका के अधिकारियों 77 कमरे सील कर दिये व तीन कमरे मानवीय आधार पर दो दिन का समय मांगने पर खाली नहीं कराये गये उन्हें एक एक कमरा दिया गया है व बाकी उनके कब्जे के अन्य कमरे भी सील कर दिए गये है।
इस मौके पर कार्रवाई  मजिस्ट्रेट व मसूरी एसडीएम राहुल आनंद ने कहा कि 77 कमरे सील कर दिए गये तीन छोडे गये है उन्हें मानवीय आधार पर दो दिन का समय दिया गया। उन्होंने बताया कि हाई कोर्ट के निर्देशों के कम्र मे किए गये जिसके स्पष्ट निर्देश थे कि भवन में किसी को न कमरे आवंटित किए जायं न ही इसमें किसी का कब्जा होने दिया जाय उसकी क्रम में सीलिंग की कार्रवाई की गयी। इस मौके पर एमडीडीए के सहायक अभियंता अजय मलिक ने कहा कि यह पुराना मामला है यह भवन पालिका ने अवैध रूप से बनाया गया जिसमें पार्किग बनायी जानी थी लेकिन भवन बना दिए व उस पर लोगों ने कब्जा कर दिया न ही पालिका ने किसी को आवंटित किया। प्राधिकरण की ओर से ध्वस्तीकरण या सीलिंग की कार्रवाई होती है लेकिन यह पालिका की संपत्ति है जिसमें करीब साढे सात करोड़ लगा है इसको सील किया गया ताकि भवन का उपयोग न हो अगर ध्वस्तीकरण किया गया तो नुकसान होगा यह जनता का पैसा है । इस संबंध में नगर पालिका अधिशासी अधिकारी गौरव भसीन ने कहा कि मैसानिक लॉज में नया भवन बनाया गया था व 2023 में हाई कोर्ट में रिट डाली गयी थी जिसमें न्यायालय ने आदेश दिए थे कि किसी को आंवटित न किए जाये न हीं कब्जा करने दिया जाय। गत वर्ष उच्च न्यायालय ने दुबारा केस का संज्ञान लेने पर पालिका, एमडीडीए व प्रशासन से जबाब मांगा गया। उच्च न्यायालय ने ध्वस्तीकरण के निर्देश नहीं दिए यह राजकीय संपत्ति में जिसमें पालिका का पैसा लगा है जिस पर सीलिंग करने के निर्देश दिए गये, आगे की कार्रवाई न्यायालय के निर्देश पर की जायेगी, करीब दस से पंद्रह में निवासरत परिवार थे बाकी पर लोगों ने ताला लगा कर कब्जा कर रखा था गत 24 जून को भी सीलिंग के लिए टीम आयी थी तब समय मांगा गया था समयावधि पूरी होने पर आज सीलिंग की कार्रवई की गयी। इस मौके पर नायब तहसीलदार उपेंद्र राणा, कोतवाल देवेंद्र चैहान, सभासद रूचिका गुप्ता, अमित भटट, सचिन गुहेर, शहर कांग्रेस अध्यक्ष अमित गुप्ता, गौरव गुप्ता, सहित भारी पुलिस बल मौजूद रहा।

Related Articles

Back to top button