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2001 में संसद पर हुए हमले की बरसी पर शहीदों को श्रद्धांजलि देने के समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राहुल गांधी ने बनाये रखी दूरियां

नई दिल्‍ली। हिंदी क्षेत्र के तीन राज्‍यों में कांग्रेस की जीत के दो दिनों बाद संसद में गुरुवार को आयोजित एक कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी कुछ दूरी पर थे, लेकिन दोनों ने एक दूसरे से बातचीत नहीं की। दोनों नेता 2001 में हुए संसद पर हुए हमले की बरसी पर आयोजित कार्यक्रम में शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए आए थे। इस दौरान पीएम नरेंद्र मोदी को पूर्व प्रधानमंत्री और कांग्रेस के वरिष्‍ठ नेता मनमोहन सिंह से बातचीत करते हुए देखा गया। केंद्रीय मंत्री विजय गोयल और सामाजिक न्याय मंत्री राज्य मंत्री रामदास आठवले ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से हाथ मिलाया। कार्यक्रम में राज्‍यसभा चेयरमैन और उपराष्‍ट्रपति वेंकैया नायडू, लोकसभा की अध्‍यक्ष सुमित्रा महाजन, भाजपा के वरिष्‍ठ नेता लालकृष्‍ण आडवाणी और यूपीए की चेयरपर्सन सोनिया गांधी शामिल रहे।उन्होंने इस दिन 17 साल पहले हमले में मारे गए शहीदों के चित्रों पर पुष्‍पांजलि अर्पित की। हमले में पांच दिल्ली पुलिसकर्मी, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल की एक महिला कॉन्स्टेबल, संसद के दो वार्ड स्टाफ, एक माली और एक कैमरामैन ने जान गंवा दी थी। कांग्रेस ने अभी हाल में राजस्‍थान, छत्‍तीसगढ़ और मध्‍यप्रदेश में हुए चुनाव में विजय हासिल की। मंगलवार को मतगणना हुर्इ थी। गौरतलब है कि विधानसभा चुनावों के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी ने एक दूसरे पर जमकर प्रहार करते हुए एक-दूसरे पर आरोप लगाए थे। पीएम नरेंद्र मोदी अपनी सभाओं में कांग्रेसियों को ‘रागदरबारी’ और ‘राजदरबारी’ बताते हुए राहुल गांधी को ‘नामदार’ और खुद को ‘कामदार’ बताते है। मोदी राहुल गांधी और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी का नाम लिए ‘नामदार’ बनाम ‘कामदार’ की चर्चा कई बार कर चुके है। वहीं राहुल गांधी ने मोदी पर हर भाषण में तीखा हमला बोला है।

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