BusinessNews UpdateUttarakhand

श्रीराम इंस्टीट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट के 360 से अधिक छात्रों का हुआ फाइव स्टार होटलों में चयन

देहरादून। श्रीराम इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट देहरादून उत्तराखंड का एकमात्र ऐसा संस्थान है जहां से चार वर्षीय (बी.एच.एम.) एवं एक वर्षीय डिप्लोमा कर विश्व स्तर पर रोजगार प्राप्त कर , उत्तराखंड के युवा श्री राम इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट देहरादून उत्तराखंड के छात्र छात्राओं के साथ-साथ पूरे भारत के छात्र छात्राओं को विश्व स्तर की फैकेल्टी से प्रशिक्षण प्राप्त कर विभिन्न उच्च पदों पर रोजगार प्राप्त कर अपनी आजीविका के क्षेत्र में दिन प्रतिदिन आगे बढ़कर समाज में अपना नाम रोशन कर रहे हैं।
उत्तराखण्ड राज्य के लोग आज किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं। खासतौर पर देश-विदेश की होटल इंडस्ट्री में तो राज्य के अनेकों युवाओं ने सफलता हासिल कर ऊचे-ऊचे पदों को भी प्राप्त किया है। बात जब होटल इंडस्ट्री की हो रही हो तो हमारे संस्थान श्री राम इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट, देहरादून को कैसे भुलाया जा सकता है, जो कि उत्तराखण्ड राज्य के अनेकों युवाओं के साथ-साथ देश-विदेश के नौजवानों को भी पांच सितारा होटल आदि में अच्छे पैकेज पर प्लेसमेंट दिला चुका है। जी हां, यही कारण है कि श्री राम इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट देहरादून आज होटल मैनेजमेंट कोर्स करने के लिए युवाओं के बीच अपनी एक विशेष पहचान बना चुका है। यहां से चार वर्षीय (बी.एच.एम.) एवं एक वर्षीय डिप्लोमा करने के बाद संस्थान के सहयोग से छात्र छात्राओं को प्लेसमेंट कराया जाता है, जिसमें मुख्य रुप से ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, कनाडा एवं दुबई के फाइव स्टार होटलों में आगे जाकर नौकरी के रास्ते खोलते हैं। वहीं पर कई ऐसे मेधावी छात्र-छात्राओं को अमेरिका में होटल मैनेजमेंट इंस्टिट्यूट एवं कॉलेजों में शिक्षक के रूप में नियुक्तियां भी हुई है जहां शिक्षक के रूप सेवा प्रदान कर श्रीराम इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट देहरादून का गौरव बढ़ा रहे हैं। सबसे खास बात तो यह है कि इस संस्थान के छात्र-छात्राओं का चयन भारत के सुप्रसिद्ध ताज लेक पैलेस, द ओबेरॉयज, आईएचजी समूह, रिट्ज कार्लटन, ललित, आईटीसी, हयात, मैरियट, द लोधी जैसे पांच सितारा होटलो में हो रहा है।
श्रीराम इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट देहरादून के प्रबंध निदेशक तनिष्क गर्ग कहते है ’हम अपने छात्रों को प्रबंधकीय के साथ ही तकनीकी कौशल का प्रशिक्षण प्रदान करते हैं ताकि वे हमारे होटल मैनेजमेंट संस्थान में प्राप्त ज्ञान को अपने जीवन से जोड़ सकें और प्रतिस्पर्धी बढ़त हासिल करने के लिए समकालीन तकनीकों का लाभ उठा सकें। पिछले दो दशकों में, भारत ने पर्यटन की संभावनाओं में क्रांतिकारी बदलाव देखा है। भारत सरकार तभी से पर्यटन को बढ़ावा दे रही है। श्रीराम इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट देहरादून, देश के युवाओं को शिक्षा, कौशल और नौकरी के अवसर प्रदान करने में योगदान दे रहा है और देश के कार्यबल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन कर देश के विकास में अपना योगदान कर रहा है। अभी हमारे यहां होटल प्रबंधन में चार वर्षीय (बी.एच.एम.) एवं एक वर्षीय डिप्लोमा के साथ एक वर्षीय सर्टिफिकेट प्रोग्राम, बारटेंडिंग कोर्स में डिप्लोमा, होटल प्रबंधन में डिप्लोमा, बेकरी में डिप्लोमा, होटल प्रबंधन और खानपान प्रौद्योगिकी में डिप्लोमा, बीबीए,, बीएससी एग्रीकल्चर, बी कॉम, मास्टर ऑफ होटल मैनेजमेंट जैसे प्रोग्राम छात्र-छात्राओं के लिए चला रहे है।
श्रीराम इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट देहरादून अपने यहां छात्र-छात्राओं को विश्व स्तर का किचन लैब एवं बेकरी लैब मुहैया करा रहा है जहां पर छात्र-छात्राओं को नए-नए डिशेस को बनाने एवं समझने का मौका मिल रहा है एवं वे संस्थान देहरादून के लैब में ही विश्व स्तर के खानपान एवं शिक्षण प्रणाली को समझते हैं और सीखते हैं। हम यह मानतें है कि उत्तराखंड राज्य से अगर पलायन और बेरोजगारी को दूर करना है तो हमें उत्तराखंड के युवाओं को एक रोजगारपरक शिक्षा देनी होगी जिससे यहां के युवा अपना स्वरोजगार विकसित कर सके और अपने राज्य में रहकर ही अन्य लोगों को रोजगार दे सकें। हमारे उत्तराखंड में पर्यटन के क्षेत्र में असीमित संभावनाएं हैं जो कि युवाओं को बहुआयामी क्षेत्र में काम करने के लिए प्रेरित कर सकता है। श्री राम इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट देहरादून ने इन्हीं सब चीजों को ध्यान में रखते हुए विश्व स्तर का कोर्स अपने यहां पर शुरू किया है जिसके अंतर्गत उत्तराखंड के युवा, चार वर्षीय (बी.एच.एम.) एवं एक वर्षीय डिप्लोमा कर उत्तराखंड के साथ-साथ देश के जाने-माने प्रतिष्ठित संस्थानों में काम कर सके एवं वे विश्व स्तर पर भी अपना नाम कमा सकें। श्रीराम इंस्टिट्यूट ऑफ होटल मैनेजमेंट देहरादून ने होटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में अपनी विशेष पहचान बनाने के साथ-साथ सामाजिक योगदान में भी बढ़ चढ़कर हिस्सा ले रहा है। विगत कुछ महीनों से जोशीमठ में जो दैवीय आपदा आई हुई है उसमें भी संस्थान अपने स्तर से हर तरह का सहयोग कर रहा है एवं लोगों के जरूरत एवं आवश्यकता के अनुसार मूलभूत सुविधाओं को बनाने में भी सहयोग कर रहा है! जोशीमठ के लोगों को रोजगार के लिए अपने यहां पर भी कई तरह की योजनाओं को लागू कर युवाओं को सक्रिय रूप से सहयोग किया जा रहा है। हमारा ध्यान कुशल, आत्मविश्वासी और जानकार टेक्नोक्रेट, प्रबंधकों, उद्यमियों, वैज्ञानिकों एवं शिक्षकों को तैयार करने पर है, जो वैश्विक दृष्टिकोण और कॉर्पोरेट नैतिकता में विश्वास के साथ राष्ट्र के निर्माण में ईमानदारी से अपना योगदान दे।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button