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प्रेमिका से शादी करने के चक्कर में आयकर अधिकारी ने की पत्नी की हत्या

अहमदाबाद। एक आयकर अधिकारी ने प्रेमिका से शादी करने के लिए पत्नी की हत्या कर बंगले में ही उसका शव दफना दिया। बताया जाता है कि एक साल पहले ही दोनों का विवाह हुआ था।  जानकारी के मुताबिक, जयपुर के कठुमर निवासी लोकेश कुमार चौधरी वडोदरा में आयकर अधिकारी के रूप में तैनात हैं। फरवरी 2017 में उसकी शादी भरतपुर की मुनेश फौजदार के साथ हुई थी। लोकेश वडोदरा के हरणी इलाके में त्रिशा डुप्लेक्श में किराए से रह रहा था। दस दिन पहले उसने जयपुर जाकर पत्नी के लापता होने की रिपोर्ट लिखाई। इसके बाद पुलिस ने जांच कर मुनेश के अंतिम कॉल रिकार्ड के आधार पर लोकेश से ही हत्या की बात उगलवा ली। जयपुर पुलिस ने बताया कि लोकेश के पास चार मोबाइल थे। जिनकी कॉल डिटेल निकाली गई तो पुलिस को लोकेश पर ही शक हुआ। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर सख्ती से पूछताछ की तो उसने सब सच उगल दिया। पूछताछ में मूल अलवर जिले का रहने वाले लोकेश (30) ने खुलासा किया कि फरवरी 2017 में उसकी शादी जयपुर में रह रही 28 वर्षीय मुनेश के साथ हुई थी। शादी के बाद सब सही चल रहा था। वडोदरा के आयकर विभाग में इंस्पेक्टर के पद पर कार्यरत होने से उसने यहां त्रिशा पार्क में किराए पर बंगला भी लिया था। इस दौरान वह एक युवती के संपर्क में आया। दोनों एक-दूसरे से प्रेम करने लगे। वह उस युवती से शादी करना चाहता था। लेकिन पत्नी मुनेश बीच में होने से वह यह कांटा निकालना चाहता था। पुलिस के सामने आरोपित पति ने बताया कि उसकी पत्नी मुनेश जयपुर में परीक्षा देने के लिए गई थी। इस दौरान उसने अपने मित्र प्रवीन्द्र के साथ मिलकर पत्नी की हत्या का प्लान बनाया था। उसने अपनी पत्नी को वड़ोदरा लाने के लिए प्रवीन्द्र को जयपुर भेजा। इसके बाद दोनों वड़ोदरा पहुंचे। प्लान के मुताबिक, लोकेश ने पहले ही अपने बंगले के पीछे मजदूरों से साढ़े पांच फुट गहरा गड्ढ़ा खुदवा लिया। पुलिस के मुताबिक, प्रवीन्द्र ने मुनेश का मुंह दबाकर रखा था और लोकेश ने उसका गला घोटकर हत्या कर दी। दोनों को जब यकीन हो गया कि वह मर चुकी है, तब जाकर शव को गड्ढ़े में दफनाया। पत्नी की हत्या के आरोप में पति और उसके मित्र को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपित पति पत्नी को खोजने का नाटक करता रहा। मृतका के भाई प्रभंजन कुमार ने बताया कि 12 अप्रैल के दिन उसके जीजा लोकेश ने उसे फोन किया था और कहा कि उसकी बहन का मोबाइल बंद है और वह हॉस्टल में भी नहीं है, उसे पता करने के लिए कहा। वह जयपुर में स्थित होस्टल में गया तो उसकी रूम मेट आशा यादव ने कहा कि मुनेश तो उसके पति लोकेश के काम से गई थी, लेकिन अभी तक वापस नहीं आई है। उसने बताया कि गिरफ्तारी दो दिन पहले तक लोकेश उसके संपर्क में था और मुनेश को खोजने का नाटक करता था। शव बरामद करने के लिए आरोपित पति को लेकर वड़ोदरा पहुंची जयपुर पुलिस ने स्थानीय पुलिस के साथ जेसीपी की मदद से दस फीट गहरे गड्ढ़े से शव को बाहर निकाला। शव को नुकसान न हो, इसके लिए सावधानी पूर्वक जेसीबी का इस्तमाल किया गया। मृतका के परिजनों की उपस्थिति में शव की पहचान की गई। इसके बाद शव को पोस्टमोर्टम के लिए जयपुर ले जाया गया।

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