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गणतंत्र दिवस (26 जनवरी) से 13 दिन पूर्व दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जम्म-कश्मीर से हिजबुल मुजाहिदीन (HM) के दो आतंकियों को किया गिरफ्तार

नई दिल्ली/जम्मू-कश्मीर। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने जम्मू-कश्मीर से हिजबुल मुजाहिद्दीन के दो आतंकियों को दबोचने में सफलता पाई है। स्पेशल सेल ने जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ कश्मीर के शोपियां में संयुक्त कार्रवाई कर यह सफलता प्राप्त की। गिरफ्तार आरोपितों में एक की पहचान शोपियां निवासी किफायतुल्लाह बुखारी के रूप में हुई है, जबकि दूसरा नाबालिग है। दोनों जम्मू-कश्मीर में अपने संगठन के लिए छोटे हथियारों की व्यवस्था में लगे थे, ताकि उनका इस्तेमाल आतंकी वारदात के लिए किया जा सके। गिरफ्तार दोनों आतंकी हिजबुल के एरिया कमांडर नवीद बाबू के बेहद करीबी हैं। स्पेशल सेल को सूचना मिली थी कि दिल्ली-एनसीआर से हथियार प्राप्त कर दो आतंकी अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। इसके बाद सेल ने यह कार्रवाई की। आतंकियों के पास से एक पिस्टल व 14 कारतूस बरामद हुए हैं। इस संबंध में शोपियां थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है और आतंकियों से पूछताछ कर रही है। स्पेशल सेल के पुलिस उपायुक्त प्रमोद सिंह कुशवाहा ने बताया कि दिल्ली पुलिस ने आइएसआइएस और हिजबुल मुजाहिद्दीन से जुड़े आतंकियों पर नजर रख रही है। हाल के समय में पुलिस को पता चला था कि जम्मू-कश्मीर के आतंकी सगठन से जुड़े कई आतंकी दिल्ली-एनसीआर व पश्चिमी उत्तर प्रदेश में छोटे हथियार के जुगाड़ में लगे हैं, ताकि वे अपने शिकार को ठिकाने लगाने के साथ ही आतंकी संगठन को और मजबूत कर सकें। इसी दौरान स्पेशल सेल ने गत वर्ष छह सितंबर को दिल्ली के लाल किला के समीप से आइएसआइएस जेके के दो आतंकी परवेज राशिद लोन व जमशीद जहूर पॉल को गिरफ्तार किया था। वहीं, बाद में 24 नवंबर को जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई कर श्रीनगर से तीन आतंकियों ताहिर अली खान, हारिस मुश्ताक खान और आसिफ सुहैल नदफ को भी दबोचने में सफलता पाई थी। इन आतंकियों ने पुलिस टीम पर ग्रेनेड से हमले का प्रयास भी किया था। इनकी गिरफ्तारी के बाद भी सेल को आतंकियों की गतिविधियों की जानकारी मिल रही थी। पुलिस को गत दिनों सूचना मिली थी कि कुछ आतंकी दिल्ली-एनसीआर से हथियार प्राप्त कर कश्मीर लौट रहे हैं। इस पर इंस्पेक्टर सुनील और इंस्पेक्टर रविंद्र जोशी की टीम को जम्मू-कश्मीर के शोपियां भेजा गया। यह जानकारी जम्मू-कश्मीर पुलिस के साथ साझा की गई। इसके बाद दोनों टीम ने शोपियां के नारवां गांव के समीप नाका लगाकर किफायतुल्लाह और एक नाबालिग नाबालिग को धर दबोचा। उनके पास से एक पिस्टल व 14 कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में पता चला कि दोनों हिजबुल से जुड़े हैं और दोनों एरिया कमांडर नवीद बाबू के बेहद करीबी हैं। नवीद जम्मू-कश्मीर पुलिस का पूर्व सिपाही है। 2012 में पुलिस में भर्ती हुआ नवीद बाद में आतंकी संगठन के लिए काम करने लगा था। वह ड्यूटी के दौरान ही 2017 में पुलिस की चार इंसास रायफल लेकर फरार हो गया था। इसके बाद उसने कश्मीर में सेना के कई जवानों और पुलिसकर्मियों की हत्या की। पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आतंकियों ने नवीद बाबू के एक गुप्त भूमिगत बंकर के बारे में भी जानकारी दी, जिसमें चार-पांच लोगों के छुपने की जगह है। जम्मू एवं कश्मीर इन आतंकियों से और पूछताछ कर रही है। स्पेशल सेल के अधिकारियों का कहना है कि दोनों आतंकियों से मिली सूचना पर आगामी दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं। स्पेशल पुलिस इस पर नजर रख रही है।

दिल्ली पर हमेशा बना रहता है आतंकी हमले का खतरा  गौरतलब है बता दें कि इस्लामिक स्टेट्स ऑफ ईराक एंड सीरिया (ISIS) और हिजबुल मुजाहिदीन के अलावा दिल्ली पर अन्य आतंकी संगठनों का भी खतरा मंडराता रहता है। ऐसे में गणतंत्र दिवस परेड के दौरान दिल्ली के साथ एनसीआर के इलाकों  गाजियाबाद, गुरुग्राम, नोएडा, फरीदाबाद शहर में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था रहती है। बावजूद इसके आतंकी संगठन हमला करने के लिए नए तरीके आजमा सकते हैं। खफिया एजेंसियों की मानें तो फिदायीन आतंकी लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर को भी हमले का एक जरिया बना सकते हैं। पिछले साल भी ऐसी आशंका जताई गई थी कि आतंकी लाउडस्पीकर और एम्पलीफायर में IED लोड कर समारोह में हमला कर सकते हैं। इतना ही नहीं, आतंकी बम धमाके के लिए टॉर्च, परफ्यूम बॉटल, खिलौने या खुफिया कैमरा का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

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