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अवैध संबंध को लेकर होने वाली घटनाएं (हत्या तक), शहरी सभ्यता और तहजीब के आईने में ये आंकड़े सिर्फ चौंकाते नहीं, बल्कि डराते भी हैं

नई दिल्ली। ‘अवैध संबंध हमेशा तबाही लेकर आते हैं’ यह वाक्य 100 फीसद सच है, लेकिन लोग हैं कि जानबूझकर इस दलदल में गिरते हैं और फिर बर्बाद होकर जेल रूपी कीचड़ में जिंदगी भर सड़ते रहते हैं। अवैध संबंधों के मकड़जाल के संबंध में राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (National Crime Records Bureau) के आकड़े चौंकाने वाले हैं, खासकर देश की राजधानी दिल्ली को लेकर। दरअसल, आकड़े बताते हैं कि अवैध संबंध को लेकर होने वाली घटनाएं (हत्या तक) दिल्ली में सबसे ज्यादा पाई गई हैं। शहरी सभ्यता और तहजीब के आईने में ये आंकड़े सिर्फ चौंकाते नहीं, बल्कि डराते भी हैं। दरअसल, NCRB के ताजा आकड़ों के मुताबिक, वर्ष-2017 में  राजधानी दिल्ली में अवैध संबंधों को लेकर कुल 29 मामले दर्ज किए गए। यानी 2017 में हर महीने अवैध संबंधों को लेकर 2 से अधिक मामले सामने आए। दिल्ली की बढ़ती आबादी के बावजूद यह हैरान करने वाली बात है कि हर दो दिन में अवैध संबंध को लेकर हत्या तक का खुलासा होता है। ऐसे में अगर इसमें एनसीआर के शहरों गाजियाबाद, नोएडा, गुरुग्राम, फरीदाबाद, सोनीपत जैसे शहरों के आकड़ों को भी शामिल कर लिया जाए तो नतीजे और भी बदतर होंगे।  वहीं,  मध्य प्रदेश 14 अवैध संबंध के मामलों के साथ दिल्ली के बाद दूसरे स्थान पर है। वहीं, महिलाओं-युवतियों के साथ हो रहे छेड़छाड़ के मामले में ओडिशा 5220 केस के साथ अव्वल, जबकि और केंद्र शासित राज्यों में देश की राजधानी दिल्ली यहां भी 1124 घटनाओं के साथ पहले स्थान पर है।

शहरों में दरक रहे रिश्ते  वैवाहिक जीवन की बुनियाद ही आपसी प्रेम और विश्वास पर टिकी है, लेकिन शहरों में दोहरी जिंदगी जी रहे लोगों ने इसे और जटिल बना दिया है। यही वजह है कि शादीशुदा होने के बावजूद लोग गैर औरतों को ओर आकर्षित हो रहे हैं और अपने साथ पूरे परिवार को तबाह कर रहे हैं। यह हाल केवल पुरुषों का नहीं है, बल्कि अवैध संबंधों के चलते अपनी और परिवार की जिंदगी बर्बाद करने में महिलाओं की भूमिका भी बराबर है। आखिर में लाख कोशिशों के बाद न तो अवैध संबंध बचते हैं और न वैध। इसमें सिर्फ दो लोग ही नाकाम नहीं होते, बल्कि दो परिवार और कई जिंदगी दांव पर लग जाती है।

अकेलेपन ने बढ़ाई समस्या  जानकारों की मानें तो व्यस्तता और शारीरिक आवश्कता पूरी नहीं होने के चलते भी महिला-पुरुष विवाहेत्तर संबंध (Extra Marital Affair) के चक्कर में फंस जाते हैं और फिर इससे निकलना तकरीबन नामुमकिन हो जाता है। दिल्ली-एनसीआर में हर महीने तकरीबन दर्जनभर मामले महिला-पुरुष में अवैध संबंधों के आते हैं। दफ्तर से घर और घर से दफ्तर को ही पूरी दुनिया समझ रहे लोग जल्दी अवैध संबंधों की गर्त में गिर रहे हैं फिर जो मुकाबिल होता है वह है ‘बर्बादी’। इसकी सबसे ताजा बानगी एक सप्ताह के भीतर की है और नोएडा और दिल्ली में 1-1 मामले सामने आए हैं। पहले मामले में पति को पत्नी का गैर मर्द से संबंध होने का शक था, इसलिए शख्स ने पीजी में ले जाकर मार डाला और दूसरे मामले में दिल्ली में पत्नी ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर पति को 50 फीट ऊपर से धक्का दे दिया। पत्नी का गैर मर्द से तीन साल से अवैध संबंध था और पति इसका विरोध करता था। इन दोनों मामलों में दो लोगों की मौत के बाद दो आरोपित लोगों की जिंदगी ही बर्बाद नहीं हुई, बल्कि कम से कम छह लोग प्रभावित हुए, इनमें चार बुजुर्ग तो दो बच्चे हैं।

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