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अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने दीं शुभकामनाएं

देहरादून। अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस के अवसर पर उत्तराखण्ड प्रदेश कांगे्रस अध्यक्ष प्रीतम सिंह ने महिलाओं को अन्तर्राष्ट्रीय महिला दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि महिलायें आज हर क्षेत्र में पुरूषों से आगे निकल चुकी हैं। महिलाओं में नेतृत्व की क्षमता पुरूषों से अधिक होती है। अनादिकाल से महिलायें समाज की पथ प्रदर्शक रही हैं उन्हांेंने समाज को एक नई दिशा देने का काम किया है। विश्व में भारतीय नारियों का एक महत्वपूर्ण स्थान है, भारतीय नारियों ने हमेशा हर क्षेत्र में चाहे विज्ञान और तकनीक का क्षेत्र हो चाहे राजनीति का, हर क्षेत्र में कुशल नेतृत्व किया है। महिलाओं ने अन्तरिक्ष में पहुंचने का कीर्तिमान भी स्थापित किया है। आजादी के आन्दोलन से लेकर उत्तराखण्ड राज्य आन्दोलन में मातृ शक्ति ने महत्वपूर्ण भूमिका का निर्वहन किया जिसे उत्तराखण्ड के इतिहास में सदैव याद किया जाता रहेगा।
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष  प्रीतम सिंह ने कहा कि जहां एक ओर राजनैतिक क्षेत्र में देश का नेतृत्व कर चुकी स्व0 श्रीमती इन्दिरा गांधी, श्रीमती प्रतिभा सिंह पाटिल, श्रीमती सोनिया गांधी जैसी महिलाओं ने देश का गौरव बढाया वहीं पी.टी. ऊषा, मैरी काॅम, सायना नेहवाल, सानिया मिर्जा, जैसी खेल प्रतिभाओं ने विश्व में अपना परचम लहराया है तो भारतीय मूल की सुनीता विलियम्स और कल्पना चावला ने अंतरिक्ष पटल पर अपनी खास पहचान बनाई तथा सुरेखा यादव ने प्रथम महिला चालक के रूप में रेलगाडी चला कर भारतीय महिलाओं के गौरव को बढ़ाया। उन्होंने कहा कि नारियों में अपरिमित शक्ति और क्षमतायें विद्यमान हैं। व्यवहारिक जगत के सभी क्षेत्रों में उन्होंने कीर्तिमान स्थापित किये हैं। अपने अद्भुत साहस, अथक परिश्रम तथा दूरदर्शी बुद्धिमता के आधार पर विश्व पटल पर अपनी पहचान बनाने में कामयाब रही हैं। मानवीय संवेदना, करूणा, वात्सल्य जैसे भावों से परिपूर्ण अनेक नारियों ने युग निर्माण में अपना अहम योगदान दिया है। उन्होंने कहा कि भारतीय समाज में नारी सदैव पूजनीय रही है तथा आज भी नारी का स्थान सबसे ऊंचा है। उत्तराखण्ड की देवभूमि में भी अनेक बीरांगना नारियों ने जन्म लिया है तथा समाज को एक नई दिषा देने का काम किया है। उत्तराखण्ड आन्दोलन को अपने मुकाम तक पहुंचाने में मातृ शक्ति का महत्वपूर्ण योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। गौरा देवी, तीलू रौतेली जैसी बीरांगनाओं ने देवभूमि का मस्तक ऊंचा करने का काम किया है ऐसी नारी शक्ति को हम शत्-शत् नमन करते हैं।

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