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अब चालान खुद ब खुद आपके घर चलकर आएगा, इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI अब बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ियों का सारा आंकड़ा ट्रांसपोर्ट विभाग को भेजेगा

नई दिल्ली । अगर आप भी बिना इंश्योरेंस गाड़ी चला रहे हैं, तो आपका चालान अब पक्का है। ट्रैफिक पुलिस की नजर में आओ या मत आओ, लेकिन चालान फिर भी कटेगा। इंश्योरेंस रेगुलेटर IRDAI अब बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ियों का सारा आंकड़ा ट्रांसपोर्ट विभाग को भेजेगा, जिसके जरिए RTO ऑफिस को बिना इंश्योरेंस वाली कितनी गाड़ियां मौजूद है, इसकी पूरी जानकारी मिलेगी। इसके बाद RTO ऑफिस इन आकड़ों को देखकर ट्रैफिक पुलिस को चालान वसूलने को बोलेगा। यानी अगर आपकी गाड़ी का इंश्योरेंस नहीं है, तो चालान खुद ब खुद आपके घर चलकर आएगा। आपने भी अगर इंश्योरेंस खत्म होने के बाद अपने टू-व्हीलर या फोर-व्हीलर का इंश्योरेंस नहीं कराया है तो अब करवा लीजिए क्योंकि नए मोटर व्हीकल एक्ट के बाद बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाना बेहद मुश्किल होने वाला है। इंश्योरेंस रेगुलेटरी एंड डेवेलपमेंट अथॉरिटी (IRDAI) राज्यों के ट्रांसपोर्ट डिपार्टमेंट के साथ अब एक पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रही है। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ियों का पता लगाना आसान हो जाएगा। IRDAI ने चार राज्यों में इस पायलट प्रोजेक्ट को शुरू भी कर दिया है, जिसमें उन वाहन मालिकों को इंश्योरेंस करवाने की सूचना भेजी जा रही है, जिन्होंने अभी तक मोटर इंश्योरेंस नहीं करवाया है।

IRDAI के चेयरमैन, सुभाष चंद्र खुंटिया ने कहा, “हम चार राज्यों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू करने जा रहे हैं। किस तरह से वाहन मालिकों से संपर्क किया जाए, जिन्होंने अपने वाहनों का इंश्योरेंस नहीं कराया है या इस बात से अनजान है कि उनके वाहन का इंश्योरेंस खत्म होने वाला है या खत्म हो चुका है। इसलिए हम उन्हें इस बात की सूचना देंगे कि जल्द से जल्द वो अपने वाहन का इंश्योरेंस करा लें।” नए मोटर व्हीकल एक्ट के मुताबिक अब सड़क पर चलने वाली हर गाड़ी के लिए थर्ड पार्टी इंश्योरेंस जरूरी हो गया है। अगर थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं करवाया तो जुर्माने के साथ जेल जाने का भी प्रावधान रखा गया है। नए मोटर व्हीकल एक्ट में बिना इंश्योरेंस के गाड़ी चलाने पर जुर्माने की रकम दोगुना हो गई है। यानी बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ी चलाने पर पहले जुर्माना 1,000 रुपये था, जो कि अब 2,000 रुपये कर दिया गया है। जनरल इंश्योरेंस काउंसिल के आंकड़ों के मुताबिक सड़क पर चलने वाले करीब 50% वाहन बिना इंश्योरेंस के हैं और इनमें सबसे ज्यादा संख्या टू-व्हीलर गाड़ियों की है। अभी तक जिन गाड़ियों का थर्ड पार्टी इंश्योरेंस नहीं था और उनसे सड़क हादसे में तीसरे पक्ष की दुर्घटना के दौरान मृत्यु या गंभीर चोट लग जाती थी, तो ऐसे में उस तीसरे पक्ष को कवर देने के लिए कुछ नहीं होता था। इसी वजह से अब थर्ड पार्टी इंश्योरेंस अनिवार्य कर दिया गया है। इंश्योरेंस कंपनियों अब मानना है कि नए मोटर व्हीकल एक्ट के लागू होने और IRDAI के राज्यों के साथ पायलट प्रोजेक्ट शुरू होने से सड़कों पर चल रही बिना इंश्योरेंस वाली गाड़ियों की संख्या में कटौती होगी। इसके साथ ही मोटर इंश्योरेंसस का कवर भी बढ़ेगा। रोड ट्रांसपोर्ट के मुताबिक साल 2017 में करीब 4,65,000 से ज्यादा सड़क हादसे हुए हैं, जिनमें करीब 1,50,000 लोगों की मौत हुई है। ऐसे में हर साल देशभर में ऐसे मामले सामने आते हैं जिनमें गाड़ियों का इंश्योरेंस नहीं होता है और गाड़ी चलाने वाले पर थर्ड पार्टी लायबिलिटी लाखों रुपये में आती है। अब इस नए मोटर व्हीकल एक्ट के चलते इंश्योरेंस के दायरे बढ़ने के साथ ही सड़क दुर्घटनाओं में भी कमी आने की उम्मीद है।

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